धर्मनिरपेक्षता व असहिष्णुता को समझें

Updated at : 21 Jan 2016 1:21 AM (IST)
विज्ञापन
धर्मनिरपेक्षता व असहिष्णुता को समझें

काफी दिनों से बहस की जा रही है कि देश में असहिष्णुता का माहौल है. इसलिए कई साहित्यकारों ने अपना सम्मान लौटा दिया है. इधर, आमिर खान द्वारा घर की बात को सार्वजनिक करने के बाद देश की राजनीति में बवंडर खड़ा हो जाता है. इन सबने असहिष्णुता को धर्मनिरपेक्षता से जोड़ कर परिभाषित करने […]

विज्ञापन

काफी दिनों से बहस की जा रही है कि देश में असहिष्णुता का माहौल है. इसलिए कई साहित्यकारों ने अपना सम्मान लौटा दिया है. इधर, आमिर खान द्वारा घर की बात को सार्वजनिक करने के बाद देश की राजनीति में बवंडर खड़ा हो जाता है.

इन सबने असहिष्णुता को धर्मनिरपेक्षता से जोड़ कर परिभाषित करने की कोशिश की है, लेकिन धर्मनिरपेक्षता और असहिष्णुता दोनों अलग-अलग चीजें हैं. हालांकि, देश में पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी इस प्रकार की अनेक घटनाएं हुईं, जिससे देश के लोगों की भावनाएं आहत हुईं. उस समय तो असहिष्णुता और सहिष्णुता की बात नहीं की गयी. इससे यह भी साबित होता है कि हमारे देश में घटनाएं होती हैं, लेकिन उसे राजनीति में किस नजरिये से पेश किया जाता है.

– शीला प्रसाद, रांची

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola