हे प्रभु, तुम धन्य हो
Updated at : 06 Jan 2016 6:09 AM (IST)
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जब कभी भी आदमी के जीवन में किसी अच्छे काम की शुरुआत होती है अथवा किसी को सफलता मिलती है, तो हम ईश्वर को धन्यवाद देना नहीं भूलते. इसका कारण यह हमारे संस्कारों में निहित है. रेलवे के करीब डेढ़ सौ साल पुराने इतिहास में शायद यह पहला मौका है, जब ट्रेन में सफर के […]
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जब कभी भी आदमी के जीवन में किसी अच्छे काम की शुरुआत होती है अथवा किसी को सफलता मिलती है, तो हम ईश्वर को धन्यवाद देना नहीं भूलते. इसका कारण यह हमारे संस्कारों में निहित है.
रेलवे के करीब डेढ़ सौ साल पुराने इतिहास में शायद यह पहला मौका है, जब ट्रेन में सफर के दौरान ही यात्रियों का रेल मंत्री से सीधा संवाद हो जा रहा है. इसके लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु धन्यवाद के पात्र हैं.
इस समय उनकी यह संवाद प्रक्रिया के आगे रेलवे की तमाम प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करानेवाली योजनाएं फीकी लग रही हैं. बस, ट्विट पर ही रेल मंत्रालय झट से हरकत में आकर लोगों की समस्याओं को दूर कर देता है. यदि इस सुविधा की शुरुआत एसएमएस, मिस्ड-कॉल और व्हाट्स एेप पर भी उपलब्ध हो, तो बेहतर होता.
– एमके मिश्र, रांची
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