आज ट्रेन पर हमला, तो कल नेताओं पर हमला और परसों पुलिस–प्रशासन पर हमला करना क्या नक्सलवादी संगठनों की आदत हो गयी है? इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर नक्सली दहशत का माहौल बनाना चाह रहे हैं. इन घटनाओं की जिम्मेदारी सरकारी प्रशासन की है, जो आज काफी कमजोर दिखायी दे रहा है.
प्रशासन की सजगता में कमी के कारण गाहे–बगाहे ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं. जब भी कोई बड़ी घटना घटती है तब जाकर प्रशासन सजगता दिखाता है. हमारा प्रशासन अगर ऐसी सजगता हमेशा बरकरार रखे, तो कभी कोई घटना–दुर्घटना नहीं घटेगी. सरकारी मशीनरी इतनी लंबी–चौड़ी है कि अगर वह अपने काम पर सही ढंग से ध्यान दे, तो ऐसे छोटे–मोटे संगठनों की क्या मजाल कि वे किसी घटना को अंजाम देकर बच निकलें.
अगर प्रशासन सजग हो जाये तो वह इस बात का भी पता लगा सकता है कि नक्सलियों का अगला कदम क्या होगा? सरकार को भी ऐसे प्रयास और व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे पुलिस–प्रशासन का मनोबल बढ़े और वह अधिक सक्रियता से काम करे.
।। अमल कु सिंह ।।
(देवघर)