गणेश चतुर्थी के दिन से संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही नए भवन में होने की उम्मीद, पढ़ें डिटेल

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संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर को पुरानी इमारत में शुरू होने और और फिर इसके अगले दिन नए भवन से कार्यवाही के संचालन की संभावना है. अधिकारियों के अनुसार, नए संसद भवन में कामकाज का स्थानांतरण गणेश चतुर्थी के साथ होगा, जिसे किसी भी नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है.

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Parliament Special Session : संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर को पुरानी इमारत में शुरू होने और और फिर इसके अगले दिन नए भवन से कार्यवाही के संचालन की संभावना है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. अधिकारियों के अनुसार, नए संसद भवन में कामकाज का स्थानांतरण गणेश चतुर्थी के साथ होगा, जिसे किसी भी नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है. 10 दिवसीय गणेश उत्सव 19 सितंबर से शुरू हो रहा है.

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एजेंडे पर ‘कोई स्पष्टता नहीं होने’ को लेकर विपक्ष का विरोध

अधिकारियों ने कहा कि संसद के सप्ताह भर चलने वाले सत्र के एजेंडे को 9-10 सितंबर तक जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के बाद अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. यह स्पष्टीकरण आगामी संसद सत्र के एजेंडे पर ‘कोई स्पष्टता नहीं होने’ को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच आया है. कांग्रेस ने केंद्र से पारदर्शिता बनाए रखने और सत्र के एजेंडे पर देश को अंधेरे में नहीं रखने का आग्रह किया था.

‘सत्र बुलाने से पहले राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा करने की कोई परंपरा नहीं’

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 18-22 सितंबर तक संसद का सत्र बुलाने में प्रासंगिक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है. प्रल्हाद जोशी ने कहा कि संसद का सत्र बुलाने से पहले राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा करने की कोई परंपरा नहीं है. सोनिया गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि विशेष सत्र के लिए कोई एजेंडा सूचीबद्ध नहीं किया गया. उन्होंने जाति जनगणना, चीन के साथ सीमा विवाद, और मणिपुर हिंसा समेत नौ मुद्दों पर चर्चा का भी आग्रह किया है.

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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में आग्रह किया

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में आग्रह किया कि देश की आर्थिक स्थिति खासकर महंगाई बेरोजगारी एवं छोटे उद्योगों पर संकट, किसान संगठनों के साथ समझौते के तहत एमएसपी लागू करने समेत किए गए कई वादों, अडाणी समूह से संबंधित जेपीसी की मांग, जातीय जनगणना कराने की मांग, केंद्र एवं राज्यों के संबंधों को नुकसान पहुंचाए जाने, प्राकृतिक आपदा के प्रभाव, चीन के साथ सीमा पर तनाव, हरियाणा एवं देश के कुछ अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और मणिपुर के मुद्दे पर विशेष सत्र में चर्चा की जाए.

सकारात्मक सहयोग करना चाहती है विपक्ष

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (I.N.D.I.A.) ने मंगलवार को कहा कि वह 18 सितंबर से बुलाए गए संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र में देश से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग करना चाहती है, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि बैठक का विशेष एजेंडा क्या है. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया के घटक दलों के दोनों सदनों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें सत्र से जुड़ी रणनीति पर चर्चा की गई.

विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि अडाणी समूह से जुड़े मामले और कुछ अन्य प्रमुख मुद्दों को इस सत्र के दौरान उठाएंगे. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह आग्रह करेंगी कि महिला आरक्षण विधेयक को आगामी सत्र में पारित किया जाए. यह विधेयक राज्यसभा से पारित है. विपक्षी दलों ने यह भी निर्णय लिया है कि उनकी अगली बैठक भोपाल में होगी और पहली जनसभा भी मध्य प्रदेश में होगी. मध्य प्रदेश में इस साल की आखिरी में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.

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