बेंगलुरु पुलिस पर उत्पीड़न और रिश्वत लेने का लगा गंभीर आरोप, पीड़ित का पोस्ट वायरल
सोशल मीडिया पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का दावा किया जा रहा है. पोस्ट का टाइट भी उसी तरह दिया गया है, बेंगलुरु पुलिस को एक लाख दो और जाओ. दरअसल एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया. जिसमें उसने लिखा, उसे प्रतिबंधित ई-सिगरेट के उपयोग करने पर बेंगलुरु पुलिस ने पकड़ा था.
बेंगलुरु पुलिस पर उत्पीड़न और रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लग रहा है. इसको लेकर सोशल मीडिया में एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल इस पोस्ट को चर्चा वाले मंच Reddit द्वारा पोस्ट किया गया है. इस पोस्ट को ट्विटर पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और बेंगलुरु पुलिस को ट्रोल किया जा रहा है.
पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रिश्वत लेने का किया जा रहा दावा
सोशल मीडिया पोस्ट में बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का दावा किया जा रहा है. पोस्ट का टाइट भी उसी तरह दिया गया है, बेंगलुरु पुलिस को एक लाख दो और जाओ. दरअसल एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया. जिसमें उसने लिखा, उसे प्रतिबंधित ई-सिगरेट के उपयोग करने पर बेंगलुरु पुलिस ने पकड़ा था और उसे शहर के इंदिरानगर थाना ले जाया गया.
Reddit post from @dharmeshba @CPBlr this is horrible reputation for our #Bengaluru
Can this is be resolved and the bribe returned? pic.twitter.com/K4hXykSotG
— Kamran (@CitizenKamran) November 15, 2022
पीड़ित ने बेंगलुरु पुलिस पर एक लाख रिश्वत लेने और जेल में डाल देने की धमकी दी
बेंगलुरु पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने अपने पोस्ट में अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ई-सिगरेट के उपयोग करने के आरोप में पुलिस ने उसे पहले थाना लेकर गयी. फिर उससे छोड़ने के नाम पर 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की. उसने दावा किया कि रुपये नहीं देने पर पुलिस ने उसे एक साल तक जेल में डाल देने की धमकी भी दी. उस व्यक्ति ने बताया कि उसके दोस्तों ने किसी तरह पुलिस को एक लाख रुपये दिये.
पीड़ित ने कहा, पैसे वापस पाने के लिए पोस्ट नहीं कर रहा, लेकिन डारावनी स्थिति बयां कर रहा हूं
पीड़ित व्यक्ति ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं अपने पैसे वापस लेने के लिए पोस्ट नहीं लिख रहा हूं, बल्कि अपने कटू अनुभव साझा कर रहा हूं. थाना में मेरे से जिस तरह से व्यवहार किया गया, बेहद डरावनी थी. उसने कहा, मैंने इस बारे में 3 से 4 वकीलों से बात भी की. उसने आगे लिखा, मुझे पता है कि मेरे पैसे वापस नहीं मिलेंगे. उसने आगे लिखा, अगर आप स्थानिय भाषा नहीं जानते हैं, तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है. उसने बताया, थाना में उसे बैठने की भी इजाजत नहीं थी और फोन करने की भी अनुमति नहीं दी गयी थी.
सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर को रहे पोस्ट
पीड़ित व्यक्ति के पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. लोग उसपर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर अपने-अपने अनुभव भी शेयर कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए








