राज ठाकरे का मोदी सरकार पर वार: बोले- NEET सिर्फ बहाना, युवाओं के गुस्से की असली वजह बेरोजगारी

Updated:
विज्ञापन

मनसे प्रमुख राज ठाकरे

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने विद्यार्थी सेना की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं के मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने NEET विवाद, बेरोजगारी और शिक्षा की चुनौतियों पर सरकार को घेरा.

विज्ञापन

राज ठाकरे ने कहा कि NEET पेपर लीक पर सरकार बयानबाजी और बहाना कर रही है. ठाकरे ने कहा कि सरकार युवाओं के गुस्से और बेरोजगारी को नजरअंदाज कर रही है. इस दौरान उन्होंने मुंबई में नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन को रोकने वाली रिया अहीर को सम्मानित किया गया.

विज्ञापन

NEET विवाद के बाद छात्रों का पहला बड़ा जमावड़ा

राज ठाकरे ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा सामने आया और यह रैली उसी माहौल में हो रही है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं की चुनौतियां पहले से पूरी तरह अलग हैं. सोशल मीडिया के दौर में छात्रों की सोच और अपेक्षाएं तेजी से बदली हैं, इसलिए राजनीति को भी बदलते समय के अनुसार खुद को ढालना होगा.

राज ठाकरे ने कहा कि मेरा राजनीतिक सफर विद्यार्थी सेना से शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें राजनीति की सीख दी और अब नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को भी समाज के मुद्दों पर काम करना होगा.

सिर्फ शहर नहीं, गांव के युवाओं को भी समझना होगा

मनसे प्रमुख राज ठाकरेने कहा कि आज 'Gen Z' की चर्चा होती है, लेकिन इसका मतलब केवल शहरी युवा नहीं है. ग्रामीण महाराष्ट्र के छात्र भी बेरोजगारी, शिक्षा और खेती से जुड़े संकटों से जूझ रहे हैं. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझें.

शिक्षा मंत्री पर तंज, सरकार पर निशाना

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार में बैठे लोग बुनियादी बातों का फर्क तक नहीं जानते. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान युवाओं के गुस्से को और बढ़ाते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भाषा पर की गई टिप्पणी से सहमति जताई, लेकिन साथ ही बीजेपी की 'ट्रोल संस्कृति' पर सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए.

युवाओं के गुस्से की असली वजह गिनाईं

राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों का विरोध सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है. खराब सड़कें, जल निकासी की समस्या, रोजगार का संकट, निजीकरण, महंगी शिक्षा और राजनीतिक खरीद-फरोख्त जैसी बातें युवाओं में निराशा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में किसान आत्महत्याएं और शहरों की बदहाल व्यवस्था भी युवाओं को भविष्य के प्रति असुरक्षित बना रही है.

शिक्षा, मंदिर और युवाओं का भरोसा

राज ठाकरे ने कहा कि देश में शिक्षा पर खर्च घट रहा है, लाखों शिक्षकों के पद खाली हैं और हजारों स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उन्होंने मंदिरों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब आस्था के केंद्रों पर भी सवाल उठते हैं तो युवाओं का भरोसा कमजोर होता है. उन्होंने युवाओं से धार्मिक कट्टरता से दूर रहकर शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की अपील की.

ये भी पढ़ें: शहर में बढ़ता चेन स्नैचिंग का डर, दो महीने में हुईं कई घटनाएं


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola