क्या राहुल गांधी को गिरफ्तार कर परिसीमन विधेयक पास कराने की तैयारी कर रही है मोदी सरकार?

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR के बाद उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज हैं. इसी बीच सितंबर में संसद के विशेष सत्र और परिसीमन से जुड़े विधेयक की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. क्या इन घटनाओं के बीच कोई कनेक्शन है?

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क्या राहुल गांधी की गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है? राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा इन दिनों जोर पकड़ रही है. इसकी वजह पिछले कुछ दिनों में सामने आए कई अहम घटनाक्रम हैं. इनमें राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR, सितंबर में संसद के संभावित विशेष सत्र की चर्चा और परिसीमन को लेकर सरकार की सक्रियता शामिल है. इन घटनाओं को एक साथ रखकर देखें तो एक सवाल जरूर खड़ा होता है.

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क्या कानूनी कार्रवाई के जरिए राहुल गांधी और विपक्ष को राजनीतिक रूप से कमजोर कर परिसीमन से जुड़े विधेयक को आसानी से पारित कराने की तैयारी है? या फिर यह सिर्फ राजनीतिक अटकल है?

राहुल गांधी के खिलाफ FIR से बढ़ी हलचल

  • राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर लगाई जा रही अटकलों के पीछे उत्तराखंड में दर्ज FIR अहम वजह मानी जा रही है.
  • उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद हुआ था. इसी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत कुछ अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
  • इसके बाद सवाल उठने लगा कि क्या जांच आगे बढ़ने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अभी उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है.

परिसीमन को लेकर क्या है सरकार की तैयारी

  • इसी बीच लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार की सक्रियता भी चर्चा में है.कई मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि सरकार सितंबर में संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है.
  • इस दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने की कोशिश हो सकती है.
  • अगर ऐसा होता है तो यह दूसरा मौका होगा जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को लेकर संसद में विधेयक लाने की कोशिश करेगी. इससे पहले बजट सत्र में भी सरकार इस दिशा में कदम उठा चुकी है, लेकिन विधेयक पारित नहीं हो सका था.
  • परिसीमन इसलिए बड़ा मुद्दा है क्योंकि इसका असर आने वाले समय में लोकसभा की सीटों और राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है. यही वजह है कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान लगातार बनी हुई है.

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विपक्ष के लिए क्यों है अहम राहुल गांधी ?

  • परिसीमन के मुद्दे पर राहुल गांधी सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं और वो लोकसभा में मौजूदा नेता विपक्ष है.
  • ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या किसी कानूनी कार्रवाई के जरिए जानबूझ कर राहुल गांधी को इस अहम राजनीतिक बहस से दूर करने की कोशिश हो सकती है?
  • परिसीमन से जुड़े संवैधानिक बदलावों के लिए संसद में विशेष बहुमत की जरूरत पड़ती है. ऐसे में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम हो जाती है.
  • यही वजह है कि उत्तराखंड की एफआईआर को भी अब परिसीमन से जुड़े संभावित घटनाक्रम के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, दोनों के बीच किसी सीधी सरकारी रणनीति का कोई ठोस सबूत फिलहाल सामने नहीं आया है.

UNGA की बैठक और परिसीमन का क्या कनेक्शन?

  • सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र भी शुरू होने जा रहा है. इसकी शुरुआत 8 सितंबर से होगी और 28 सितंबर तक चलेगा.
  • इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों में भारत से भी कई प्रतिनिधि और नेता भी शामिल होंगे है. नतीजा अगर संसद का विशेष सत्र होता है तो सांसदों की संख्या में कमी रह सकती है.
  • ऐसे में यह सवाल उठाया रहा है कि इसी दौरान संसद का विशेष सत्र बुलाकर सरकार इस समय का इस्तेमाल परिसीमन से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहती है?
  • हालांकि, यह कहना कि यूएनजीए के कारण संसद में सांसदों की संख्या कम होगी और सरकार को विधेयक पारित कराने में सीधा फायदा मिलेगा, फिलहाल एक अनुमान है.

राहुल गांधी के आवास के पास बैरिकेडिंग का क्या मतलब?

  • राहुल गांधी के आवास के आसपास दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग की खबरों ने भी इन अटकलों को हवा दी है. कुछ लोग इसे संभावित कानूनी कार्रवाई से जोड़कर देख रहे हैं.
  • हालांकि, एक दूसरा दावा यह भी है कि गृह मंत्री अमित शाह के आवास के घेराव की आशंका और उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यह एहतियाती व्यवस्था की गई है.
  • इसलिए सिर्फ बैरिकेडिंग के आधार पर राहुल गांधी की गिरफ्तारी की तैयारी का निष्कर्ष निकालना फिलहाल सही नहीं होगा.

क्या गिरफ्तारी और परिसीमन के बीच कोई कड़ी है?

  • पूरी तस्वीर में एक तरफ राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर है और दूसरी तरफ परिसीमन को लेकर सरकार की संभावित तैयारी. इसी बीच संसद के विशेष सत्र और सितंबर में होने वाले यूएनजीए कार्यक्रम की चर्चा भी है.
  • इन घटनाओं को जोड़कर अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें और विपक्ष को राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहती है, ताकि परिसीमन से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने में विरोध की चुनौती कम हो जाए?
  • फिलहाल इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं है. राहुल गांधी की गिरफ्तारी की भी पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इसे अभी एक राजनीतिक आशंका और अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. आने वाले दिनों में सरकार और जांच एजेंसियों के कदम ही बताएंगे कि इन घटनाओं के बीच वास्तव में कोई कड़ी है या नहीं.

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