मेघालय हनीमून हत्याकांड : मामला बड़े बेंच को भेजने पर विचार कर रहा सुप्रीम कोर्ट

Updated:
विज्ञापन

सोनम रघुवंशी

सुप्रीम कोर्ट मेघालय हनीमून हत्याकांड मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे एक बड़े बेंच को सौंपने पर विचार कर रहा है.

विज्ञापन

Meghalaya Honeymoon Murder : सुप्रीम कोर्ट मेघालय हनीमून कांड के मामले को बड़े बेंच को सौंपने पर विचार कर रही है. जज मनोज मिश्रा और चंद्रशेखर की पीठ ने गुरुवार को यह संकेत दिए कि, गिरफ्तारी ज्ञापन में गलत वैधानिक धारा का उल्लेख सोनम की जमानत को क्या सही ठहराता है?

विज्ञापन

BNS की धारा लिखने में हुई गड़बड़ी

न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और शील नागू की एक अन्य पीठ ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से तीन जुलाई को इनकार कर दिया था. राज्य सरकार की ओर से गुरुवार को पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी यही सवाल उठाया. बताते चलें कि गिरफ्तारी ज्ञापन में बीएनएस की धारा 103(1) के बजाय 403 का उल्लेख किया गया था. सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि यह पूरी तरह टाइपिंग में हुई गलती थी.

कितना सही.. जमानत का आधार?

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत गंभीर मामला है जिसमें जमानत इस आधार पर दी गई कि गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए. जबकि यह रिकॉर्ड मौजूद है कि गिरफ्तारी के समय उसके आधार उपलब्ध कराए गए थे.’’ हालांकि, पीठ ने कहा कि अदालत को गिरफ्तारी के समय लिखित आधार उपलब्ध कराने की आवश्यकता से जुड़े परस्पर विरोधी फैसलों में सामंजस्य बैठाना होगा.

विस्तार से किया जाएगा विचार

जज मनोज मिश्रा ने कहा, ‘‘हम इस मामले पर विस्तार से विचार करेंगे. हम तय करेंगे कि क्या इसे बड़े बेंच को भेजने की जरूरत है.’’ टॉप लॉ अधिकारी ने कहा कि अपराध की गंभीरता को तकनीकी टाइपिंग एरर से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए.

मेहता ने कहा, ‘‘यह वह मामला है, जिसमें दोनों मेघालय में हनीमून पर गए थे. यह हत्या की सोची समझी साजिश थी. उसने पति को मारकर पहाड़ी से धक्का दे दिया था. यह बेहद गंभीर अपराध का मामला है.

न्यायालय की बेंच ने राज्य पुलिस को आरोपियों को दिए गए मूल दस्तावेजों की स्पष्ट एवं पढ़ने योग्य प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरफ्तारी के समय उन्हें वास्तव में क्या जानकारी दी गई थी.

पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी

न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, ‘‘यदि यह आधार (तकनीकी पहलू) टिक नहीं पाता है तो जमानत आदेश रद्द हो जाएगा.’’ मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली आरोपी को उसके कारोबारी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था.

राजा अपनी पत्नी सोनम के साथ पिछले साल 23 मई को मेघालय में छुट्टियां मनाने के दौरान लापता हो गया था. बाद में दो जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला था.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola