नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद जीतने वाले दीपांशु शौकीन, फोटो एएनआई
DUSU 2026 Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस बार उपाध्यक्ष पद का नतीजा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. पूर्व NSUI सदस्य दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर जीत दर्ज की. नंगे पैर प्रचार करने वाले शौकीन ने कहा कि छात्रों का भरोसा और उनकी समस्याओं को उठाना ही उनके अभियान की सबसे बड़ी ताकत रही.
DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. पूर्व एनएसयूआई सदस्य शौकीन ने इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए. चुनाव प्रचार के दौरान नंगे पैर चलने का उनका फैसला भी चर्चा में रहा. उनके उपाध्यक्ष चुने जाने और एबीवीपी के तीन केंद्रीय पद जीतने की पुष्टि चुनाव नतीजों की रिपोर्टों में भी हुई है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव में इस बार उपाध्यक्ष पद का नतीजा अलग रहा. एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की. शौकीन पहले एनएसयूआई से जुड़े थे, लेकिन इस बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा.
नंगे पैर किया चुनाव प्रचार
दीपांशु शौकीन के चुनाव प्रचार की खास बात उनका नंगे पैर चलना रहा. शौकीन के मुताबिक नंगे पैर चलने से होने वाली शारीरिक परेशानी उन्हें लगातार विश्वविद्यालय के छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं की याद दिलाती रही. उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 1.5 लाख छात्रों को भी अपने दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह छात्रों की समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे.
दीपांशु शौकीन ने कहा- छात्रों ने ही मेरा चुनाव अभियान चलाया
जीत के बाद दीपांशु शौकीन ने कहा कि छात्रों ने उन पर भरोसा जताया और उनके पूरे चुनाव अभियान में साथ दिया. शौकीन ने कहा कि वह चुनाव में छात्रों के सच्चे प्रतिनिधि के रूप में खुद को साबित करने के उद्देश्य से उतरे थे और उन्हें लगता है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरा किया है.
यह बहुत खुशी की बात है कि छात्रों ने मुझ पर रखे भरोसे को सही साबित किया. छात्रों ने ही मेरा पूरा चुनाव अभियान चलाया और मेरा भरपूर समर्थन किया- दीपांशु शौकीन
छात्रों की समस्याओं को उठाने की कही बात
दीपांशु शौकीन ने जीत के बाद छात्रों की समस्याओं को उठाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि वह छात्रों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहते हैं. शौकीन के मुताबिक इस बार DUSU को जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने चुनाव के दौरान छात्रों से किए गए वादों और उनकी समस्याओं पर काम करने की बात कही.
दीपांशु शौकीन को मिले 30 हजार से ज्यादा वोट
दिए गए नतीजों के मुताबिक दीपांशु शौकीन ने 30,634 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद जीता. वह इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे. चुनाव परिणामों में एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के नाम रहा.
यश डबास बने DUSU अध्यक्ष
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत दर्ज की. उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय मीना को 22,523 वोट मिले. सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे. इस तरह केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन एबीवीपी के खाते में गए और उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता.
40.46 प्रतिशत हुआ मतदान
DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर दो चरणों में वोटिंग हुई. इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले तीन सालों में सबसे अधिक रहा. पिछले साल मतदान प्रतिशत 39.5 था. एबीवीपी, एनएसयूआई और AISA-SFI गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठनों के कुल 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई.
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