केरल में कोराना से तीन की मौत, कितना खतरनाक है नया वेरिएंट JN.1? जानें इसके लक्षण के बारे में

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 21 Dec 2023 9:40 AM

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देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के 21 मामले देखने को मिले हैं जिसके बाद केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. केरल में COVID-19 के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. जानें कितना खतरनाक है नया वेरिएंट JN.1 और क्या हैं लक्षण

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 को लेकर राज्यों को अलर्ट जारी किया है. इसके बाद से निगरानी बढ़ा दी गई है. जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण भारत के राज्यों तक कोरोना वायरस के लेकर सतर्कता बरती जा रही है. जैसे ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने COVID-19 वेरिएंट (JN.1) के लिए नया अलर्ट जारी किया, जम्मू के अस्पताल नए वेरिएंट के खिलाफ अलर्ट मोड में आ गये. डॉ. दारा सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल (जम्मू) ने कहा कि हमें उपलब्ध सभी आवश्यक दवाओं के साथ पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. आपको बता दें कि तीन राज्यों में कोरोना के नये वैरिएंट JN.1 ने अपनी दस्तक दे दी है. जिसमें गोवा, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं. इनमें गोवा सबसे ज्यादा प्रभावित है.

केरल में कोरोना से तीन की मौत

केरल में मामले टेंशन देने वाले हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, केरल ने 20 दिसंबर को कोविड-19 के 300 नए सक्रिय मामले और 3 मौतों की सूचना दी. देश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 2669 है.

नए वैरिएंट जेएन.1 के 21 मामले

देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के 21 मामले देखने को मिले हैं जिसके बाद केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. इसको लेकर वैज्ञानिकों ने मौजूदा एहतियाती उपायों का पालन करने की सलाह दी है. विशेषज्ञों की मानें तो नए वैरिएंट का उभरना ना तो हैरानी की बात है, ना ही इससे घबराने की आवश्यकता है. संक्रमण हल्का है जो खतरनाक नहीं है. लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि जैसा कि इंफ्लूएंजा वायरस सहित अधिकांश श्वसन वायरस के साथ होता है. संक्रामक वायरस बदलते रहते हैं, इसलिए कोविड-19 के सब-वैरिएंट का उभरना आश्चर्य की बात नहीं है.

मोदी सरकार हुई एक्टिव

इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की तैयारियों का जायजा बुधवार को लिया.साथ ही जेएन.1 को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की और कहा कि कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है. हमें सतर्क रहने की जरूरत है. इससे घबराने की जरूरत नहीं है. वहीं, खबर है कि आइसीएमआर कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के जीनोम सिक्वेंसिंग पर काम कर रही है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने जानकारी दी कि वैज्ञानिक समुदाय नए वैरिएंट की बारीकी से जांच कर रहा है.

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JN.1 के लक्षण क्या हैं?

कोविड वैरिएंट JN.1 के लक्षण क्या हैं? इस बारे में लोग गूगल पर सर्च कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के लक्षण क्या हैं..

-बुखार

-थकान

-नाक बहना

-गले में खराश

-सिरदर्द

-खांसी

-कंजेशन

-कुछ मामलों में स्ट्रो इंटेस्टाइनल समस्याएं भी संक्रमित में नजर आती है.

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इन सबके बीच, डब्ल्यूएचओ ने ‘जेएन.1’ को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ करार दिया है. डब्यूएचओ की ओर से कहा गया है कि इससे वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा नहीं है. डब्ल्यूएचओ ने हल्के वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ और गंभीर वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में बांटना शुरू किया है.

JN.1 वैरिएंट क्या है?

JN.1 सब-वैरिएंट BA.2.86 (जिसे पिरोला के नाम से भी जाना जाता है) का एक नया सब-वैरिएंट है. अपने आप में यह तेजी से फैलने वाला ओमीक्रॉन वैरिएंट का एक ऑफ-शूट है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह अधिक प्रतिरक्षा प्रतिरोधी होता है. नवंबर में WHO वैज्ञानिकों द्वारा इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) के रूप में पहचाना गया.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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