जश्न के वीडियो पर CJP की सफाई, बोली- 5 स्टार होटल नहीं, 37 दिन आंदोलन करने वाले वॉलंटियर्स का सम्मान था

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सीजेपी के जश्न की तस्वीरें (फोटो : X)

सीजेपी के जश्न की तस्वीरें (फोटो : X)

आंदोलन के बाद सामने आए जश्न के वीडियो पर उठे सवालों के बीच CJP ने सफाई दी है. पार्टी ने कहा कि यह कोई 5 स्टार होटल की पार्टी नहीं थी, बल्कि 37 दिन तक आंदोलन में जुटे वॉलंटियर्स का सम्मान और उनसे फीडबैक लेने का कार्यक्रम था.

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CJP Celebration Video : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए जश्न के वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जिस जगह कार्यक्रम हुआ, उसे 5 स्टार होटल बताना गलत है. उन्होंने कहा, "यह कोई 5 स्टार होटल नहीं था. ज्यादा से ज्यादा 2 या 3 स्टार का स्थान था." उन्होंने बताया कि कार्यक्रम एक बेसमेंट हॉल में आयोजित किया गया था.

'37 दिन आंदोलन करने वालों का सम्मान किया गया'

सौरव दास ने कहा कि इस कार्यक्रम में करीब 150 से 200 वॉलंटियर्स शामिल हुए थे, जिनमें आधे से ज्यादा दूसरे राज्यों से आए थे और 37 दिनों तक आंदोलन का हिस्सा रहे. उन्होंने कहा कि कई वॉलंटियर्स अपने घर लौटने वाले थे, इसलिए पार्टी ने उनका सम्मान करने और उनके अनुभव सुनने के लिए यह कार्यक्रम रखा था. उनके मुताबिक, डांस से पहले सभी वॉलंटियर्स के साथ लंबी बातचीत और फीडबैक सत्र हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर सिर्फ जश्न के दृश्य ही सामने आए.

24 घंटे का अल्टीमेटम अब भी बरकरार

CJP ने कहा कि सरकार को दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम अब भी लागू है. सौरव दास ने बताया कि तीसरे दौर की बातचीत में सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR वापस लेने और भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन देने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि अगर तय समय के भीतर लिखित भरोसा नहीं मिला तो CJP दिल्ली में एक और बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान करेगी.

बिहार फायरिंग और शिक्षा बिल पर भी उठाए सवाल

सौरव दास ने बिहार के सीवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) से सार्वजनिक माफी की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में सिर्फ निलंबन काफी नहीं है, जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संसद में पेश शिक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा के दौरान पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से बहस होनी चाहिए, ताकि देश के युवाओं को यह संदेश जाए कि उनकी समस्याओं को संसद गंभीरता से सुन रही है.

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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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