CJP मार्च विवाद: हिंसा को लेकर अभिजीत दिपके का आरोप, कहा- BJP के लोगों ने खराब किया माहौल

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, फोटो- एएनआई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चलो संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर अभिजीत दिपके ने भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि BJP से जुड़े लोगों ने माहौल खराब किया. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि छात्रों को निशाना बनाने के लिए कुछ लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चलो संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाए हैं. दिपके ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान BJP से जुड़े लोगों ने माहौल खराब किया. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों की भी जांच होनी चाहिए, लेकिन जिन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई, उनके परिवारों की चिंता भी की जानी चाहिए.
यह काम BJP के गुंडों ने किया है. मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि BJP गड़बड़ी फैलाने के लिए अपने गुंडों को भेजेगी. उन्होंने ठीक वैसा ही किया. मुझे दुख है कि जिन लोगों ने ये हरकतें कीं, उन्हीं लोगों ने पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाया. जिन पुलिस अधिकारियों को इस तरह निशाना बनाया गया, उनके प्रति हमारी सहानुभूति है. साथ ही, जिन छात्रों को पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा, उनके परिवारों का क्या? अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक
अभिजीत दिपके ने कहा- छात्रों को डराने की हो रही है कोशिश
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि छात्रों को निशाना बनाने के लिए कुछ लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि वे सरकार से सवाल न पूछ सकें और दोबारा विरोध प्रदर्शन करने से डरें. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है और आदतन अपराधियों से कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए.
आदतन अपराधियों से कानून के मुताबिक निपटा जाना चाहिए. वे छात्रों को निशाना बनाने के लिए उन्हीं आदतन अपराधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. बिहार के लोगों ने दिल्ली में कुछ नहीं किया. मुंबई के लोगों ने दिल्ली में कुछ नहीं किया. छात्रों को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है, और ऐसा उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है ताकि वे सरकार से सवाल पूछने या दोबारा विरोध प्रदर्शन करने की हिम्मत न करें. अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक
घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने रखी अपनी बात
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह बयान घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में दिया. सीजेपी के चलो संसद मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के चार जवानों के परिवारों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को मांग की है कि संसद में पुलिसकर्मियों की पीड़ा पर भी चर्चा होनी चाहिए. परिवारों का कहना है कि अब तक हुई चर्चा मुख्य रूप से पुलिस कार्रवाई तक सीमित रही है, जबकि ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों और उनके परिवारों की परेशानियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.
परिजनों ने सुनाई हिंसा के दौरान की आपबीती
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल पुलिस अधिकारियों के परिजनों ने घटना के दौरान के हालात बताए. इनमें एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की पत्नी, एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की पत्नी और दो घायल पुलिसकर्मियों के बच्चे शामिल थे. परिजनों ने बताया कि उन्हें अस्पतालों से आने वाले फोन का इंतजार करना पड़ा और उन्होंने अपने परिजनों को घायल हालत में घर लौटते देखा. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी के पीछे उसका पूरा परिवार होता है, जिसकी पीड़ा को भी समझा जाना चाहिए.
ACP की पत्नी ने बताई घटना की भयावहता
ACP की पत्नी उपनीत कौर ने अपने पति के घायल होकर घर लौटने की बात शेयर करते हुए कहा कि वह रात उनके और उनकी दो साल की बेटी के लिए बेहद मुश्किल भरी थी. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कई बार शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद भीड़ की ओर से बोतलें, पत्थर, चप्पलें समेत कई और वस्तुएं फेंकी गईं.
पीड़ित परिजनों ने कहा- हर वर्दी के पीछे एक परिवार होता है
उपनीत कौर ने कहा कि हर पुलिस वर्दी के पीछे सिर्फ एक अधिकारी नहीं होता, बल्कि उसके साथ उसका परिवार भी जुड़ा होता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की स्थिति को भी समझा जाए.
Also Read: अंकित शर्मा हत्याकांड: AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By प्रीतीश सहाय
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










