झारखंड छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे CJP चीफ अभिजीत दीपके, बोले- जरूरत पड़ी तो आऊंगा रांची

Updated:
विज्ञापन

cjp संस्थापक अभिजीत दीपके प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, फोटो एक्स

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने झारखंड में परीक्षा धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने कहा- "जरूरत पड़ने पर वो खुद रांची आएंगे." उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य देश भर के युवाओं को एकजुट करना, संगठन का विस्तार करना और पारदर्शिता व संस्थागत सुधारों को लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना है.

विज्ञापन

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि संगठन किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनाव मैदान में उतरने के बजाय एक जन दबाव समूह के रूप में कार्य करेगा. छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह घोषणा की.

विज्ञापन

इस समय एक मजबूत जन आंदोलन की सख्त जरूरत : दीपके

दीपके ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की गिरती साख को देखते हुए इस समय एक मजबूत जन आंदोलन की सख्त जरूरत है. उन्होंने चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया और राजनीतिक व्यवस्था में लोगों के खोते विश्वास पर चिंता जताते हुए कहा कि इन संस्थाओं में निष्पक्षता और जवाबदेही बहाल करने के लिए जनता का दबाव बेहद आवश्यक है.


ये भी पढ़ें: JPSC Scam पर CM हेमंत बोले- 'जांच की आंच मेरे घर तक आए तो भी न हिचकें अफसर', आज होगी छात्रों से सरकार की वार्ता

बेरोजगारी बड़ी समस्या, हम इसे देशव्यापी मुद्दा बनाएंगे : दीपके

महाराष्ट्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की बैठक हुई, जिसके बाद पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा - "बेरोजगारी बड़ी समस्या है, हम इसे देशव्यापी मुद्दा बनाएंगे."

"आज हमारे देश में संस्थागत जवाबदेही खतरनाक स्थिति में है. यह हमारे लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है. पहले वोटर सरकार चुनते थे, आज सरकार तय कर रही है कि कौन वोट देगा. लोकतंत्र इस तरह काम नहीं कर सकता. हमें चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी. जब तक हम ऐसा नहीं करते, देश में चुनावों में हेरफेर जारी रहेगा." - अभिजीत दीपके

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि : दीपके

अभिजीत दीपके ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन को युवाओं की ऐतिहासिक जीत करार दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता है. दीपके ने कहा- "जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें देशभर के बेरोजगार युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस संयुक्त संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि जब छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर एकजुट होते हैं, तो सरकार को उनकी आवाज सुननी ही पड़ती है."


ये भी पढ़ें: पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola