आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत,एम्स ने कहा- अस्पताल में भर्ती की जरूरत नहीं
सुप्रीम कोर्ट से आसाराम को नहीं मिली राहत. ( स्रोत- सोशल मीडिया)
सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं है. अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय की.
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को आसाराम की स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. इस दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की मेडिकल रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई. रिपोर्ट में कहा गया कि आसाराम को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं है, हालांकि उसे 24 घंटे चिकित्सा निगरानी और आवश्यक इलाज मिलता रहना चाहिए.
राजस्थान सरकार ने क्या कहा
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ के सामने राजस्थान सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि एम्स की रिपोर्ट स्पष्ट है और आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने अदालत को बताया कि जेल में उसे सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
आसाराम 2013 में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था. इसी फैसले को चुनौती देते हुए आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जहां उसकी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है.
बचाव पक्ष ने उठाया अलग पक्ष
आसाराम की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि एम्स की रिपोर्ट को केवल एक हिस्से के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट पढ़ने पर स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का व्यापक आकलन सामने आएगा, जिसे अदालत को ध्यान में रखना चाहिए.
6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त के लिए तय कर दी. इससे पहले 21 जुलाई को अदालत ने एम्स को विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित कर आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया था.
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