अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी मामला: उदयनिधि स्टालिन को राहत, HC ने दिया पूछताछ के बाद रिहाई का आदेश

Updated:
विज्ञापन

DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन, फोटो पीटीआई

अभिनेत्री तृषा पर कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन को हाई कोर्ट से राहत मिली है. अदालत ने पूछताछ के बाद रिहाई का आदेश दिया है. इस पूरे विवाद की जड़ें कावेरी जल विवाद से जुड़ी हैं.

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि पुलिस उदयनिधि की न्यायिक हिरासत की मांग नहीं करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया, "उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है और पूछताछ के बाद स्टेशन जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा. हम उन्हें हिरासत में नहीं रखना चाहते." एडवोकेट जनरल ने अदालत में यह भी कहा कि यह कार्रवाई महिलाओं के हित में की गई है.

सुबह तंजावुर पुलिस ने आवास से लिया था हिरासत में

इससे पहले मंगलवार सुबह तंजावुर (पूर्वी) पुलिस ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को उनके चेन्नई स्थित नीलंकराई आवास से हिरासत में लिया और तंजावुर ले गई. यह कार्रवाई कावेरी विरोध सभा में दिए गए उनके भाषण के संबंध में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में की गई. उदयनिधि पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61, 79, 192, 196, 296(बी), 351(2) और 352, तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धारा 4 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.


'कट-कॉपी-पेस्ट कर गढ़ी गई फर्जी कहानी': उदयनिधि स्टालिन

हिरासत में लिए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में उदयनिधि ने किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी से साफ इनकार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण की एडिटेड क्लिप्स प्रसारित करके एक फर्जी कहानी गढ़ी गई है. उदयनिधि ने कहा, "कट, कॉपी, पेस्ट का इस्तेमाल कर फर्जी खबरें फैलाई गई हैं कि मैंने ऐसा कुछ कहा जो मैंने कभी नहीं कहा. मैं इन सबसे डरने वाला नहीं हूं और इसका कानूनी तरीके से मुकाबला करूंगा. उन्होंने पुलिस कार्रवाई को हास्यास्पद करार दिया."

क्या है पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत कावेरी प्रदर्शन के दौरान हुई एक जनसभा से हुई. जब उदयनिधि भाषण दे रहे थे, तब भीड़ के एक हिस्से ने तृषा, तृषा के नारे लगाए. इस पर उन्होंने कथित तौर पर कहा, "पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, उसे वहां पहुंचना चाहिए." बाद में उदयनिधि ने स्पष्ट किया कि उनके कहने का तात्पर्य केवल कावेरी नदी के पानी से था.

टीवीके की महिला शाखा ने स्टालिन पर लगाया दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी का आरोप

तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की महिला शाखा ने तंजावुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया कि डीएमके नेता ने अभिनेत्री तृषा को निशाना बनाते हुए दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की है. दूसरी ओर, डीएमके का रुख है कि इस बयान को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.

विधानसभा सत्र से रोकने की राजनीतिक साजिश: डीएमके

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके के वकील और राज्यसभा सांसद एनआर इलांगो ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है. उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता उदयनिधि ने राज्य सरकार की निष्फलता पर सवाल उठाए थे. बुधवार से बजट सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए सरकार उन्हें विधानसभा में महत्वपूर्ण सवाल उठाने से रोकना चाहती थी. इसी मंशा से सुबह उन्हें गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में कानूनी स्थिति समझते हुए सरकार ने कोर्ट में कहा कि वे पूछताछ के बाद जमानत दे देंगे."


विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola