राजस्थान रीट पेपर लीक मामले में टॉप के तीन अफसर समेत 23 कर्मचारी सस्पेंड, अब तक 100 लोग किए गए गिरफ्तार

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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि इस मामले में शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, इसलिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है.

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जयपुर : राजस्थान सरकार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) 2021 के पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए टॉप के तीन अफसर समेत करीब 20 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, रीट पेपर लीक मामले में राजस्थान सरकार ने 1 आरएएस अफसर, दो आरपीएस अफसर, शिक्षा विभाग के 13 और पुलिस विभाग के 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया है.

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सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर के राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (उपखंड अधिकारी) नरेंद्र कुमार मीणा और राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों नारायण तिवाडी और राजूलाल मीणा को सस्पेंड किया गया है. इनके अलावा, शिक्षा विभाग ने 13 कर्मचारियों को संस्पेंड किया गया है.

शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि इस मामले में शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, इसलिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. डोटासरा ने ट्वीट किया, ‘रीट परीक्षा में अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका की सूचना मिली थी, जिस पर कार्यवाही करते हुए सभी 13 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. अब आगे पुलिस जांच रिपोर्ट मे दोष सिद्ध होने के बाद इनकी सरकारी सेवा से बर्खास्तगी होगी.’


शिक्षा विभाग के ये कर्मचारी नपे

डोटासरा के अनुसार, शिक्षा विभाग के जिन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है, उनमें 10 अध्यापक, 1 व्याख्याता, 1 शारीरिक शिक्षा शिक्षक और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं. ये लोग सिरोही, जालौर, बाडमेर, नागौर, डूंगरपुर, राजसमंद, भरतपुर और बूंदी जिलों में तैनात थे. सिरोही में एक हेड कांस्टेबल और सवाईमाधोपुर में दो कांस्टेबल को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है.

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16.51 लाख अभ्यर्थी ने किया था आवेदन

रीट परीक्षा में नकल रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए थे. इस परीक्षा के लिए 16.51 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन भरा था. पुलिस ने परीक्षा के दौरान कई डमी उम्मीदवारों और नकल गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपी विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों को नकल, धोखाधड़ी की सुविधा उपलब्ध करा रहे थे.

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