एयर इंडिया के लिए सरकार को जो करना था, पूरी विश्वसनीयता के साथ किया : नरेंद्र मोदी

Updated at : 02 Jul 2018 5:00 PM (IST)
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एयर इंडिया के लिए सरकार को जो करना था, पूरी विश्वसनीयता के साथ किया : नरेंद्र मोदी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया के मामले में भी कुछ करना था उसे ‘पूरी विश्वसनीयता ‘ से किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि विनिवेश की एक पेशकश पर निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया तथा नीतिगत फैसले को अलग – अलग तरीके से […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया के मामले में भी कुछ करना था उसे ‘पूरी विश्वसनीयता ‘ से किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि विनिवेश की एक पेशकश पर निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया तथा नीतिगत फैसले को अलग – अलग तरीके से देखा जाना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ स्वराज्य ‘ पत्रिका से साक्षात्कार में कहा कि सरकार ने एयर इंडिया और घाटे में चल रही कई अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों की बिक्री को मंजूरी दी थी.

ये कंपनियां बिक नहीं पायीं. यह समय और प्रक्रिया का नतीजा है. मोदी का यह बयान सरकार के एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश को कोई बोली नहीं मिलने के बाद आया है. एयर इंडिया इस समय कर्ज के भारी बोझ तले दबी है. प्रधानमंत्री ने कहा , ‘ जहां तक एयर इंडिया की बात है , सरकार को जो करना चाहिए था , वह बेहद ईमानदारी से किया. आपको किसी बिक्री पेशकश पर ठंडी प्रतिक्रिया तथा नीतिगत फैसले को अलग – अलग तरीके से देखना चाहिए. मई में एयर इंडिया का विनिवेश प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाने के बाद प्रधानमंत्री ने इस पर पहली बार कोई टिप्पणी की है. इस सवाल पर कि सरकार निजीकरण को लेकर ज्यादा इच्छुक नहीं है , मोदी ने कहा , ‘ मंत्रिमंडल के स्तर पर हमने न केवल एयर इंडिया बल्कि घाटे में चल रही कई अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों की बिक्री को मंजूरी दी है. ‘ उन्होंने कहा , ‘ यह अपने आप कई बार ऐतिहासिक हो सकता है. ये इकाइयां बिक नहीं पायीं इसकी वजह उसका समय और प्रक्रिया है.

हम ऐसे कोई बिक्री नहीं करना चाहते जबकि हम पर आरोप लगे कि हम उसे एक्स कीमत पर बेच दिया , जबकि इससे अधिक मिल सकता था. लेकिन रणनीतिक बिक्री का नीतिगत फैसला लिया जा चुका है. प्रस्तावित योजना के तहत सरकार को एयर इंडिया में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी है. इसके अलावा उसे कम लागत वाली इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस का पूर्ण विनिवेश करना और एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लि . में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करना है. यह सिंगापुर की एसएटीएस के साथ बराबर हिस्सेदारी वाली संयुक्त उद्यम है. नागर विमानन मंत्रालय ने कहा था कि सरकार एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस एयरलाइन को कारगर तरीके से चलाने के लिए योजना तैयार की जा रही है. बाजार में इसकी हिस्सेदारी 12.8 प्रतिशत है.

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