चेन्नई : नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को आमंत्रित किये जाने का विरोध करते हुए भाजपा की सहयोगी पार्टी एमडीएमके ने शनिवार को घोषणा की कि वह 26 मई को दिल्ली में राजपक्षे के खिलाफ काला झंडा दिखा कर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
एमडीएमके अध्यक्ष वाइको ने अपनी स्थिति की तुलना दिवंगत सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रमुक द्वारा 1965 में शुरू किये गये हिंदी विरोधी आंदोलन से करते हुए कहा कि द्रविड़ नेता ने भारतीय गणराज्य का नहीं बल्कि केवल हिंदी थोपने का विरोध किया था.
वाइको ने कहा, इसी तरह नरेंद्र मोदी को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई देते और अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मैं तमिल नरसंहार में शामिल राजपक्षे के शामिल होने का विरोध करता हूं. चूंकि विरोध जताना हमारा कर्तव्य है, मेरे नेतृत्व में एमडीएमके राजपक्षे के खिलाफ दिल्ली में काले झंडे दिखा कर विरोध प्रदर्शन करेगी. वाइको ने मोदी व राजनाथ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर तमिलों के अब भी दिक्कतों का सामना करने की बात कहते हुए राजपक्षे को समारोह में शामिल होने का विरोध किया.
मोदी को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई देते और अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मैं तमिल नरसंहार में शामिल राजपक्षे के शामिल होने का विरोध करता हूं. चूंकि विरोध जताना हमारा कर्तव्य है, मेरे नेतृत्व में एमडीएमके राजपक्षे के खिलाफ दिल्ली में काले झंडे दिखा कर विरोध प्रदर्शन करेगी.
वाइको, अध्यक्ष, एमडीएमके
* जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
वाइको ने कहा विरोध प्रदर्शन जंतर मंतर पर सुबह 11 बजे होगा. पिछले साल श्रीलंकाई राष्ट्रपति के सांची दौरे के बाद वाइको ने उनके भारत के किसी भी दौरे का विरोध करने की घोषणा की थी. यह विरोध प्रदर्शन इसी के अनुरूप है. वाइको ने कहा कि उसी दिन चेन्नई में भी विरोध प्रदर्शन होगा. तमिल ईलम (श्रीलंकाई तमिलों के लिए पृथक देश) के कट्टर समर्थक वाइको ने पिछले साल राजपक्षे के सांची दौरे को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. कहा कि राजपक्षे का मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना सही नहीं होगा क्योंकि इससे समारोह की गरिमा कम होगी.