पेपरलेस हुआ ओपीडी, आभा डिजिटल फार्म से शुरू हुई चिकित्सीय सेवा

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एक क्लिक से मरीजों के मेडिकल हिस्ट्री की मिलेगी जानकारी

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जमुई. मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना अन्तर्गत बिहार स्टेट हेल्थ सिस्टम के लिए हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (आभा डिजिटल फॉर्म) से सदर अस्पताल में चिकित्सीय सेवा की शुरुआत हो गयी है. पंजीकरण काउंटर में पूर्व से आभा रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिससे मरीजों को कतार में खड़ा नहीं होना पड़ रहा है. बार कोड स्कैन कर पर्ची प्राप्त हो रहा है. अब चिकित्सीय सेवा पूरी तरह डिजिटलाइज हो गयी है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सैयद नौशाद अहमद ने बताया कि अब ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्डों में भर्ती मरीजों का ब्यौरा तक ऑनलाइन होगा. माउस पर क्लिक करते ही ओपीडी, इंडोर, दवा, जांच आदि से जुड़ी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख जायेगी. नयी व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि इससे समय की भी बचत होगी. रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर सभी प्रकार की जानकारी व सेवा प्राप्त कर सकते हैं. इससे अधिकारी भी आसानी से अस्पताल की मॉनिटरिंग कर सकेंगे तथा वार्डों में ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी या चिकित्सक एक क्लिक से भर्ती मरीज का पूरा ब्यौरा जान सकेंगे कि मरीज को कौन-कौन सी दवाएं दी गयी है और डॉक्टर ने क्या निर्देश दिये हैं. नयी व्यवस्था में मरीज को डिस्चार्ज लेटर के लिए भी इंतजार नहीं करना होगा. ओपीडी रजिस्ट्रेशन, इंडोर आदि सभी वार्ड आपस में ऑनलाइन जुड़ जाने से एक क्लिक पर ही डिस्चार्ज लेटर तैयार हो जायेगा. उन्होंने बताया कि आभा अकाउंट के तहत मरीजों का सभी पुराने जांच दी गयी दवा का सभी रिकार्ड रहेगा. डीएस डॉ अहमद ने बताया कि आयुष्मान भारत कार्ड पहले से तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही ओपीडी में रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले मरीजों का स्वास्थ्य विभाग आभा कार्ड तैयार कर रहा है. मरीजों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी अस्पतालों में क्यूआर कोड लगाया गया है. किसी मरीज को अगर किसी प्रकार की इमरजेंसी होती तो उसके एकाउंट को देख कर चिकित्सक तत्काल इलाज शुरू कर सकते हैं.

आभा कार्ड के फायदे:

सिविल सर्जन डॉ महेंद्र प्रताप ने बताया कि आभा कार्ड बनवाने के बाद आप अपने पुराने मेडिकल रिकॉर्ड को 5 से 10 साल के बाद भी देख सकेंगे. आपने अभी क्या-क्या टेस्ट करवाया है और कौन-कौन सी दवा खायी है. इसकी जानकारी मिल पायेगी. कार्ड में मरीज अपने ब्लड टेस्ट, निदान, दवाओं आदि के रिकॉर्ड्स को एक साथ आसानी से रख सकते हैं. कार्ड को बनवाने के बाद आप पूरे भारत में किसी भी स्थान से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इसमें अपलोड किये गये सभी मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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