Chaitra Navratri 2021 Date: चैत्र नवरात्र कल से होगा शुरू, मां के नौ स्वरूपों की क्या है पूजा विधि, जानें कलश स्थापना मुहूर्त, सामग्री लिस्ट, मंत्र, महत्व व अन्य जानकारियां
Chaitra Navratri 2021 Start & End Date, Maa Durga, Kalash Sthapna Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: हिंदू धर्म का सबसे पावन पर्व नवरात्र घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है. चैत्र मास की इस नवरात्र में कुल नौ दिनों तक मां दुर्गे के सभी नौ स्वरूपों की पूजा की जायेगी. धार्मिक मामलों के जानकारों की मानें तो इस बार मां दुर्गे घोड़े पर सवार होकर आयेंगी. आइये जानते हैं कलश स्थापना से लेकर, मां के सभी स्वरूपों की पूजा विधि, व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त, सामग्री डिटेल व अन्य जानकारियां…
गर्मी में रख रहें नवरात्रि का व्रत तो इन फलों का जरूर करें सेवन
यदि गर्मी में आप भी रख रहें नवरात्रि का व्रत तो जिसमें फूड पदार्थ या फल में पानी की मात्रा अधिक होती है उसका सेवन जरूर करें. ऐसा करने से नौ दिनों तक आपका शरीर व्रत के बावजूद ज्यादा कमजोर नहीं होगा. ये फल आपके बॉडी में कम हो रही पानी की मात्रा को बनाएं रखने में मददगार साबित हो सकते हैं. अत: चैत्र नवरात्रि के दौरान इन फलों का करें सेवन…
तरबूज
लौकी
पपीता
केला
सिंघाड़े फलों का जरूर करें सेवन
कब है नवमी की तिथि
13 अप्रैल दिन मंगलवार को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा की तिथि से नवरात्रि प्रारंभ हो रहा है. वहीं, पंचांग के अनुसार नवमी की तिथि 21 अप्रैल को शुरू हो रही है और व्रत का पारण दशमी तिथि 22 अप्रैल को होगा.
कलश स्थापना विधि (Kalash Sthapana Vidhi)
सुबह जल्दी उठें
स्नानादि करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें
घर के मंदिर को अच्छे से साफ करें, गंगा जल से शुद्ध कर लें
एक लकड़ी का पाटा लेकर, उसपर लाल या सफेद रंग का कपड़ा बिछा दें
फिर कपड़े पर अक्षत रखें और मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं
इसके बाद बर्तन के ऊपर कलश रख दें
इसमें स्वास्तिक बनाएं
कलावा या मौली बांधें
कलश में सुपाड़ी, सिक्का और अक्षत डाल दें
ऊपर अशोक के पत्ते या आम के पत्ते रखें
एक नारियल लें और उसे चुनरी से लपेट दें
फिर इसमें भी कलावा या मौली बांधें
अब मां दुर्गा के सभी स्वरूपों का आव्हान करें
दीप जलाएं और कलश के आगे अगरबत्ती जलाएं और मंत्र पढ़ें
देवी ब्रह्मचारिणी मंत्र
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
(Om Devi Brahmacharinyai Namah)
नवरात्रि पूजा से पूर्व जरूर करें ये पांच काम

मन और शारिरीक स्वच्छता के अलावा घर की स्वच्छता भी जरूरी
पूजा स्थान को गंगा जल से करें शुद्ध
घर या मंदिर के मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक का चिन्ह
पूजा से पूर्व मौन धारण कर बुरे विचार को करें समाप्त
मांस-मछली और लहसुन-प्याज का सेवन बिल्कुल भी न करें
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
देवी ब्रह्मचारिणी को नंगे पांव दर्शाया गया है.
उनकी दो भुजाएं है
दाहिने हाथ में जपने वाली माला है
तो बाएं हाथ में कमंडल धारण करती हैं.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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