झारखंड ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली में गड़बड़ी, जांच के आदेश, कई अभ्यर्थियों के हैं 100 फीसदी अंक

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बिहार में भी मैट्रिक के डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के साथ सैकड़ों अभ्यर्थी पकड़े गये थे. मुजफ्फरपुर में 11 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार अभ्यर्थी पटना, सीवान, गोपालगंज, छपरा और बक्सर के रहने वाले हैं. उत्तर बिहार के आठ जिलों में 647 ग्रामीण डाक सेवकों में से 592 के सर्टिपिकेट नकली मिले थे.

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जमशेदपुर, श्याम झा. झारखंड ग्रामीण डाक सेवक की बहाली में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा की आशंका के बाद विभाग ने जांच का आदेश दिया है. जानकारी के अनुसार कई अभ्यर्थियों ने मैट्रिक पास का डुप्लीकेट सर्टिफिकेट जमा किया है, जमा अंक पत्र में कई अभ्यर्थियों के 100 प्रतिशत अंक हैं. 1587 अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हैं. जांच में अभ्यर्थियों के अंक पत्रों को देखकर विभाग भी हैरान है. इसके बाद विभाग ने सर्टिफिकेट की जांच का आदेश दिया है. एससी-ओबीसी अभ्यर्थी गुलाब कुमार दास, आरव राज, सुमन आनंद, नवीन कुमार, रोहित कुमार के 100 प्रतिशत अंक हैं.

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बिहार में पकड़े जा चुके हैं सैकड़ों अभ्यर्थी

मालूम हो कि इससे पहले बिहार में भी मैट्रिक के डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के साथ सैकड़ों अभ्यर्थी पकड़े गये थे. मुजफ्फरपुर में 11 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार अभ्यर्थी पटना, सीवान, गोपालगंज, छपरा और बक्सर के रहने वाले हैं. उत्तर बिहार के आठ जिलों में 647 ग्रामीण डाक सेवकों में से 592 के सर्टिपिकेट नकली मिले थे. बिहार के बाद अब झारखंड में भी ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, विभाग के कुछ पदाधिकारियों के सहयोग से यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.

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कोल्हान में 351 डाक सेवकों की होनी है बहाली

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से 40 हजार ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली की जा रही है. इसमें झारखंड के सात डिवीजन रांची, कोल्हान, दुमका, धनबाद, पलामू, हजारीबाग और देवघर में कुल 1580 डाक सेवकों की बहाली होनी है. इसमें कोल्हान में 351 ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली की जानी है. ग्रामीण क्षेत्र में डाक सेवा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली कर रही है. अंकों के आधार पर होती है बहाली, इसलिए फर्जी सर्टिफिकेट देते हैं अभ्यर्थी. ग्रामीण डाक सेवकों की बहाली में लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है. मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर इनका चयन किया जाता है. सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों का प्राथमिकता के आधार पर चयन किया जाता है. इस वजह से दूसरे राज्य के बोर्ड के फर्जी अंक प्रमाण पत्र अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड कर दिया जाता है.

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