उज्जैन की गलियों से Miss World के मंच तक, 18 की उम्र में शुरू की एंकरिंग, 60+ नाटकों में दिखा हुनर... कौन हैं निकिता पोरवाल?
निकिता पोरवाल
उज्जैन में जन्मी निकिता पोरवाल ने 18 साल की उम्र में टीवी एंकर के तौर पर करियर शुरू किया था. 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय और 250 पन्नों का ‘कृष्ण लीला’ लिखने के बाद उन्होंने मिस इंडिया का ताज जीता. अब निकिता वियतनाम में मिस वर्ल्ड 2026 के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
जब किसी ब्यूटी क्वीन की तस्वीर सामने आती है तो अक्सर सबसे पहले उसकी खूबसूरती और ताज की बात होती है. लेकिन निकिता पोरवाल की कहानी थोड़ी अलग है. उज्जैन में जन्मी इस लड़की ने कैमरे के सामने आने से पहले थिएटर में अपनी पहचान बनाई, 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय किया और 250 पन्नों का ‘कृष्ण लीला’ नाटक तक लिख डाला. यही वजह है कि उनका सफर सिर्फ मॉडलिंग या ब्यूटी पेजेंट की कहानी नहीं है. आज निकिता अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. वह मिस वर्ल्ड 2026 के लिए वियतनाम पहुंची हैं, जहां 5 सितंबर को ग्रैंड फिनाले होना है.
उज्जैन में हुआ जन्म, यहीं से शुरू हुई कहानी
निकिता पोरवाल का जन्म और पालन-पोषण मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ. उज्जैन को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है और निकिता की जिंदगी पर भी कहानी और संस्कृति का असर साफ नजर आता है. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई कार्मेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उज्जैन से पूरी की. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए बड़ौदा पहुंचीं, जहां महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स में पढ़ाई की और ड्रामाटिक्स में विशेषज्ञता हासिल की.
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18 साल की उम्र में टीवी एंकर बनीं
निकिता पोरवाल ने काफी कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था. महज 18 साल की उम्र में उन्होंने टीवी एंकर के तौर पर करियर की शुरुआत की. इसके बाद उनका रुझान अभिनय और थिएटर की ओर बढ़ता गया. थिएटर ने उनके व्यक्तित्व को एक अलग पहचान दी. वह 60 से ज्यादा थिएटर प्रोडक्शंस में अभिनय कर चुकी हैं. आधिकारिक मिस वर्ल्ड प्रोफाइल के मुताबिक वह थिएटर कंपनी Rangrays की क्रिएटिव डायरेक्टर और प्लेराइट भी हैं.
सिर्फ अभिनेत्री नहीं, लेखिका भी हैं
निकिता की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनका लेखन है. उन्होंने ‘कृष्ण लीला’ नाम का 250 पन्नों का नाटक लिखा है. यानी जिस लड़की को आज लोग रैंप पर खूबसूरत अंदाज में देखते हैं, वह इससे पहले मंच पर किरदार निभा चुकी है और अपनी कहानियां भी लिख चुकी है. फेमिना की प्रोफाइल में भी उनके 60 से ज्यादा नाटकों में काम करने और ‘कृष्ण लीला’ लिखने का जिक्र है.

फिल्मों में भी रखा कदम
थिएटर के बाद निकिता ने फिल्मों की तरफ भी कदम बढ़ाया. उन्होंने ब्रिज भाषा की फिल्म ‘चंबल पार’ में काम किया है. उनकी एक्टिंग का सफर भी लगातार आगे बढ़ रहा है और इंटरनेशनल मंच के साथ उनका फिल्मी सपना भी जुड़ा हुआ है.
2024 में जीता मिस इंडिया का ताज
निकिता के करियर में सबसे बड़ा मोड़ साल 2024 में आया. मुंबई में आयोजित 60वें फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले में उन्हें फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का ताज पहनाया गया. इस जीत के साथ वह मध्य प्रदेश से आने वाली ऐसी विजेता बनीं, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई. मिस वर्ल्ड की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक वह भारत की 60वीं मिस वर्ल्ड इंडिया बनीं और उन्हें 73वें मिस वर्ल्ड फेस्टिवल में भारत का प्रतिनिधित्व करना था.

अब वियतनाम में भारत की उम्मीद
मिस इंडिया का ताज जीतने के करीब दो साल बाद निकिता अब उस मंच पर पहुंच चुकी हैं, जिसका सपना हर ब्यूटी पेजेंट विजेता देखती है. निकिता मिस वर्ल्ड 2026 में भारत को रिप्रेजेंट कर रही हैं. इस साल प्रतियोगिता का आयोजन वियतनाम में हो रहा है और ग्रैंड फिनाले 5 सितंबर को न्हा ट्रांग में होना है. प्रतियोगिता के दौरान निकिता ने सिर्फ अपने लुक्स से ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति को पेश करने के अंदाज से भी ध्यान खींचा. ‘डांस ऑफ द वर्ल्ड’ में उन्होंने देवी मीनाक्षी से प्रेरित लुक पेश किया, जिसे डिजाइनर तोरानी ने तैयार किया था.
सिर्फ ताज नहीं, सामाजिक काम भी
निकिता की पहचान ग्लैमर तक सीमित नहीं है. वह सामाजिक कामों से भी जुड़ी हैं. मिस वर्ल्ड की Beauty With a Purpose पहल के तहत उनका प्रोजेक्ट MAATI आदिवासी महिलाओं और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ पानी और आर्थिक अवसरों से जुड़ा है. इस प्रोजेक्ट के जरिए मध्य प्रदेश और ओडिशा की आदिवासी कम्युनिटीज के साथ काम किया जा रहा है. प्रोजेक्ट के तहत 100 वॉटर फिल्टर और 500 मिल्क पाउडर पैकेट बांटने जैसी पहल भी की गई है. निकिता को जानवरों से भी काफी लगाव है. मिस वर्ल्ड की आधिकारिक प्रोफाइल में एनिमल वेलफेयर को उनकी खास रुचियों में शामिल किया गया है. भविष्य में वह एक बड़ा एनिमल रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाने का सपना भी रखती हैं.

निकिता के लिए जीत का मतलब सिर्फ ताज नहीं
निकिता के सफर को देखें तो उनके लिए मिस वर्ल्ड का मंच सिर्फ खूबसूरती की प्रतियोगिता नहीं है. वह इसे भारत की कहानी दुनिया तक पहुंचाने के मौके के तौर पर देखती हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पहले थिएटर में वह कहानियां सुनाती थीं, लिखती थीं और कविताएं करती थीं, लेकिन अब उन्हें अपने देश की कहानी दुनिया के सामने बताने का मौका मिला है. यही बात निकिता पोरवाल को बाकी कंटेस्टेंट्स से अलग बनाती है. उज्जैन की एक लड़की, जिसने 18 साल की उम्र में एंकरिंग शुरू की, थिएटर में 60 से ज्यादा प्रोडक्शंस किए, 250 पन्नों का नाटक लिखा, फिल्मों में कदम रखा और फिर मिस इंडिया का ताज जीता अब वही लड़की दुनिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट के मंच पर भारत की पहचान लेकर खड़ी है. अब सबकी नजर 5 सितंबर के फिनाले पर है कि क्या निकिता भारत के लिए मिस वर्ल्ड का ताज वापस ला पाती हैं.
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