Disha Salian Death Case: गायब खून के निशान, 9 घंटे की देरी और पोस्टमार्टम का शक... दिशा सालियान केस में अब CBI क्या-क्या खंगालेगी?
दिशा सालियान डेथ केस, फोटो- इंस्टाग्राम
Disha Salian Death Case: दिशा सालियान की मौत के करीब 6 साल बाद CBI ने केस की जांच शुरू कर दी है. जानिए 2020 में क्या हुआ था, हाईकोर्ट ने पुरानी जांच में क्या सवाल उठाए और अब CBI किन पहलुओं की जांच करेगी.
Disha Salian Death Case: दिशा सालियान की मौत के करीब 6 साल बाद यह केस एक बार फिर सुर्खियों में है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब CBI ने केस में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत को लेकर कई सवाल उठाए थे और मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी. कोर्ट ने भी पुरानी जांच में कई गड़बड़ियों और ऐसे सवालों का जिक्र किया, जिनके जवाब अभी साफ नहीं थे. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि 2020 में क्या हुआ था और अब CBI इस मामले में क्या जांच करेगी.
8 जून 2020 को क्या हुआ था?

दिशा सालियान एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं. वह कुछ समय तक सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी प्रोफेशनली जुड़ी रही थीं.
8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद दिशा की मौत हो गई थी. उस समय पुलिस ने मामले में Accidental Death Report यानी ADR दर्ज की थी. बाद की पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया था.
दिशा के पिता ने क्या सवाल उठाए?
दिशा के पिता सतीश सालियान ने बाद में बेटी की मौत को लेकर सवाल उठाए और नए सिरे से जांच की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ गलत हुआ और उसकी हत्या की गई. हालांकि, ये उनके आरोप हैं और इनकी जांच होना अभी बाकी है.
इसी मांग को लेकर उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कोर्ट ने मामले की पुरानी जांच और उससे जुड़े दस्तावेजों को देखते हुए CBI जांच का आदेश दिया.
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हाईकोर्ट को पुरानी जांच में क्या गड़बड़ियां दिखीं?
2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि पुरानी पुलिस जांच में कई गंभीर सवाल और गड़बड़ियां थीं और जांच करीब छह साल तक दो चरणों में चलती रही.
कोर्ट ने खास तौर पर स्पॉट पंचनामा (किसी घटना वाली जगह की पूरी मौके की रिपोर्ट) देर से किए जाने, पुलिस की मौजूदगी से जुड़े सवालों और पोस्टमार्टम में दर्ज चोटों को लेकर सवाल उठाए. कोर्ट के मुताबिक, इन बातों की ठीक से जांच की जरूरत है.
स्पॉट पंचनामा में हुई थी देरी
कोर्ट के सामने सबसे अहम बातों में से एक स्पॉट पंचनामा में देरी थी. कोर्ट ने नोट किया कि घटना के कई घंटे बाद पंचनामा किया गया था और इस देरी की वजह ठीक से सामने नहीं आई.
कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच लंबे समय तक चलती रही, जबकि ऐसी जांच को इतने लंबे समय तक जारी रखना उसका मकसद नहीं है. इसी वजह से अदालत ने एक दूसरी जांच एजेंसी से पूरे मामले को देखने की जरूरत बताई.
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चोटों को लेकर भी उठे सवाल
दिशा की मौत ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी. लेकिन हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम में दर्ज चोटों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इन बातों पर एक्सपर्ट की राय की जरूरत है.
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि कुछ गवाहों ने गिरने के बाद काफी खून निकलने की बात कही थी, लेकिन मौके से खून लगी मिट्टी बरामद नहीं हुई थी. इन विरोधाभासी बातों को अब CBI अपनी जांच में देखेगी.
अब CBI क्या जांच करेगी?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने FIR दर्ज कर ली है. एजेंसी अब दिशा की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम, पुराने सबूत, पुलिस की पहले की जांच और बाद में लगाए गए आरोपों को देखेगी.
CBI को एक सीनियर और अनुभवी अधिकारी के जरिए जांच करने का निर्देश दिया गया है. एजेंसी दिशा के पिता का बयान भी दर्ज कर चुकी है और आगे दूसरे लोगों के बयान और उपलब्ध सबूतों की जांच करेगी.
क्या किसी को आरोपी बनाया गया है?
फिलहाल यह समझना जरूरी है कि CBI जांच शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को दोषी या आरोपी साबित कर दिया गया है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि किसी को आरोपी तभी माना जाएगा, जब जांच में अपराध से जुड़े पर्याप्त सबूत सामने आएं.
यानी अभी CBI का काम पूरे मामले की दोबारा जांच करना और यह पता लगाना है कि दिशा की मौत के पीछे असल में क्या हुआ था.
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