बुआ ने बताया NEET क्या है... पेंट करने वाले सूरज ने 99.16 परसेंटाइल से क्रैक किया नीट

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NEET UG क्रैक करने वाले सूरज सैनी की फोटो (Image: Instagram)

NEET UG क्रैक करने वाले सूरज सैनी की फोटो (Image: Instagram)

Suraj Saini Success Story: राजस्थान के बूंदी जिले के बेटे सूरज सैनी ने 2026 नीट यूजी की परीक्षा में 583 अंक हासिल कर एक मिशाल कायल किया है. सूरज घरों में पेंट करने का काम करते थें और इसी के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी थी. आइए सूरज सैनी की प्रेरणादायक जर्नी पर नजर डालते हैं.

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Suraj Saini Success Story: अगर इरादे मजबूत हों, तो मेहनत किस्मत बदल देती है. इस बात को राजस्थान के बूंदी जिले के बेटे सूरज सैनी ने सच साबित कर दिखाया है. उन्होंने नीट 2026 में 99.16 परसेंटाइल के साथ मेडिकल सीट के लिए अपनी जगह बनाई है. यूं कह सकते हैं कि उन्होंने हाथों में पेंट ब्रश से लेकर स्टेथोस्कोप तक का सफर अपनी मेहनत से तय किया है.

"मुझे 12वीं क्लास से पहले NEET के बारे में पता भी नहीं था. मेरी बुआ ने NEET के बारे में बताया. उससे पहले, मेरा पूरा ध्यान 10वीं क्लास में अच्छे नंबर लाने पर था" - सूरज सैनी (NEET AIR 16569)

NEET Marks Scored: सूरज ने कितना अंक किया हासिल?

राजस्थान के रहने वाले सूरज सैनी ने 2026 नीट यूजी की परीक्षा में 583 अंक हासिल किया है. इस स्कोर के साथ उन्हें टॉप मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिलने की उम्मीद है.

NEET Medical College: नहीं पता था, क्या होता है NEET

खास बात यह है कि 12वीं कक्षा तक सूरज को नीट परीक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्हें इस परीक्षा के बारे में पहली बार उनकी बुआ से पता चला, इसके बाद उन्होंने तैयारी शुरू की थी. लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज तक का यह सफर तय कर लिया.

Suraj Life Journey: सूरज करते थें घरों में पेंट

घर की आर्थिक स्थिति खबर होने की वजह से सूरज घरों में पेंट करने का काम करते थें. इसी कमाई से वह अपना घर चलाने में मदद करते थे. धीरे-धीरे यही काम परिवार की एक्स्ट्रा आय का साधन बन गया. वहीं सूरज की मां खेतों में मजदूरी कर घर चलती थीं. उनकी छोटी बहन को आर्थिक तंगी की वजह से 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी.

Medical College Admission: अब एडमिशन लेने की तैयारी में सूरज

नीट यूजी 2026 में 583 अंक हासिल करने के बाद सूरज का अगला टारगेट एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने का है. उन्हें भरोसा है कि इस स्कोर के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिल जाएगी.

NEET Siksha Sambal Programme: फ्री कोचिंग से की NEET की तैयारी

उनके जीवन में अहम मोड़ 'शिक्षा संबल' कार्यक्रम के जरिए आया, जिसने उन्हें कोटा में फ्री कोचिंग, रहने की जगह और भोजन की सुविधा दी.

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प्रगति सिन्हा

लेखक के बारे में

By प्रगति सिन्हा

मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.

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