भूदा बस्ती की बेटी बनेगी डॉक्टर, DC आदित्य रंजन उठाएंगे पूरा खर्च, NEET में मिले 582 मार्क्स

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पूनम कुमारी

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Dhanbad Poonam kumari NEET: धनबाद के भूदा बस्ती की रहने वाली पूनम कुमारी ने नीट यूजी परीक्षा में सफलता हासिल की है. अब उन्हें धनबाद का सरकारी मेडिकल कॉलेज मिला है. पूनम के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी मां हाउस वाइफ हैं.

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Dhanbad Poonam kumari NEET: मेहनत और इरादे पक्के हो तो आर्थिक स्थिति भी रुकावट नहीं बनती है. ये कहना धनबाद की बेटी पूनम कुमारी पर फिट बैठती है, जिन्होंने NEET UG में 582 रैंक लाकर सफलता हासिल की है. उन्हें धनबाद का शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज मिला है. खुद धनबाद के Deputy Commissioner आदित्य रंजन इस परिवार की मदद के लिए आगे आए और उन्होंने पूनम कुमारी की फीस की जिम्मेदारी उठाई.

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पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं

धनबाद के भूदा बस्ती की रहनी वाली हैं. पूनम कुमारी के पिता धरमू गोराई दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और उनकी मां पीकू देवी हाउस वाइफ हैं. पूनम भाई बहनों में सबसे छोटी हैं. उनके दो बड़े भाई शादीशुदा हैं और अपने माता-पिता के साथ ज्वॉइंट फैमिली में रहते हैं.


पूनम कुमारी अपने माता-पिता के साथ
पूनम कुमारी अपने माता-पिता के साथ

माता-पिता ने बेटी को पढ़ाने में नहीं छोड़ी कोई कसर

पूनम एक ऐसे परिवार से आती हैं, जिसकी आर्थिक स्थिति खराब है. लेकिन फिर भी उनके माता-पिता ने बेटी को पढ़ाई को पहली प्राथमिकता दिया. पूनम के दो बड़े भाई ने गरीबी और कम संसाधन के कारण मामूली बीए की पढ़ाई की. लेकिन भाइयों ने भी हमेशा पूनम की पढ़ाई को तरजीह दी. उनका सपना था कि पूनम को CBSE स्कूल में पढ़ाई मिले.

सेल्फ स्टडी के दम पर पहले प्रयास में क्लियर किया NEET UG

पूनम कुमारी की पढ़ाई मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से हुई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत शुरू किए गए इन स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों जैसी शिक्षा दी जाती है. पैटर्न भी CBSE बेस्ड होता है. ऐसे में पूनम कुमारी को कम फीस में बेहतर एजुकेशन मिली. स्कूल के टीचर्स का सपोर्ट और अपनी सेल्फ स्टडी के दम पर पूनम ने पहले अटेंप्ट में NEET UG क्लियर किया.

मां की बीमारी देख किया डॉक्टर बनने का निर्णय

पूनम कुमारी ने बताया कि उनकी मां जब कभी बीमार पड़ती थीं तो डॉक्टर पास जाने पर ठीक हो जाती थीं. ऐसे में वे बचपन से ही डॉक्टरों के काम से प्रभावित थीं. उन्होंने 10वीं के बाद ही निर्णय कर लिया था कि डॉक्टर बनना है.

12वीं में स्टेट टॉपर थीं पूनम कुमारी

11वीं की पढ़ाई के साथ ही पूनम ने NEET UG की पढ़ाई शुरू कर दी. पूनम ने सीमित संसाधन और सेल्फ स्टडी के दम पर 97.4 प्रतिशत मार्क्स हासिल कर 12वीं स्टेट बोर्ड में टॉप किया था.

NEET UG में 16,972 AIR, स्टेट रैंक 195

पूनम कुमारी ने नीट यूजी परीक्षा में 582 मार्क्स हासिल किया है. उन्होंने नीट यूजी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 16,972 रैंक और स्टेट रैंक 195 हासिल किया है. उन्हें धनबाद का शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज मिला. वो इस कॉलेज के मिलने से बेहद खुश हैं. वैसे भी उन्होंने इस कॉलेज को दूसरी प्राथमिकता पर रखा था. पहली प्राथमिकता पर RIMS संस्थान था.

DC सर का किया धन्यवाद

पूनम ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि उन्होंने हमेशा से सोचा था कि घर के आसापस ही रहकर पढ़ाई करेंगी. ऐसे में धनबाद का मेडिकल कॉलेज मिलने से वो बहुत खुश हैं. उन्होंने धनबाद के DC आदित्य रंजन का भी आभार जताया. पूनम कुमारी ने बताया मेरे 5.5 सालों के MBBS कोर्स की फीस आदित्य रंजन सर उठाएंगे.

माता-पिता और भाई को दिया सफलता का श्रेय

पूनम कुमारी ने कहा कि जहां दूसरे माता-पिता लड़के और लड़कियों में फर्क करते हैं. मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरी पढ़ाई को प्राथमिकता दी. साथ ही भाइयों ने भी मेरे लिए हमेशा से बेस्ट को चुना. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया.

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