Raksha Bandhan का क्या है महत्व? जानें कब हुई शुरुआत, क्या है मान्यता और कैसे मनाया जाता है यह पर्व
बहन अपनी भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए AI जनरेटेड फाेटो
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का खास पर्व है. जानें Raksha Bandhan 2026 कब मनाया जाएगा, इसकी शुरुआत कब हुई, क्या है इसका धार्मिक महत्व, पौराणिक मान्यताएं और बदलते समय के साथ कैसे बदला राखी मनाने का तरीका.
Raksha Bandhan 2026: भारत त्योहारों और परंपराओं का देश है, जहां हर पर्व अपने साथ एक खास संदेश लेकर आता है. इन्हीं त्योहारों में रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की कामना करती है. वहीं भाई बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है. आइए इस पावन त्योहार की महत्व के बारे में डिटेल में जानते हैं.
When Raksha Bandhan Celebrated: कब मनाया जाता है रक्षाबंधन?
रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इसी वजह से इसे कई जगह राखी पूर्णिमा या केवल राखी भी कहा जाता है. रक्षाबंधन की तारीख हर साल बदलती है, क्योंकि यह हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाता है.
Raksha Bandhan History: रक्षाबंधन की शुरुआत कब हुई?
रक्षाबंधन की शुरुआत किसी एक निश्चित वर्ष या घटना से हुई, ऐसा कहना मुश्किल है. इस पर्व की परंपरा प्राचीन भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी मानी जाती है. अलग-अलग ग्रंथों और लोककथाओं में रक्षा-सूत्र बांधने से जुड़ी कई कथाएं मिलती हैं. नमें भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा सबसे लोकप्रिय मान्यताओं में से एक है. कहा जाता है कि एक बार श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का कपड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था. मान्यता है कि इसके बाद श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करने का संकल्प लिया.
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Importance of Raksha Bandhan: भाई-बहन के लिए क्यों खास है रक्षाबंधन?
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व है. बचपन की नोकझोंक से लेकर जीवन के अलग-अलग पड़ावों तक भाई-बहन एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं. राखी इस रिश्ते को एक बार फिर याद करने और मजबूत बनाने का अवसर देती है.

Raksha Bandhan Celebration: जानिए इसके बारे में
रक्षाबंधन मुख्य रूप से भारत के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में मनाया जाता है. अलग-अलग जगहों पर इसकी परंपराओं और नामों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है. महाराष्ट्र में इसी दिन नारली पूर्णिमा मनाने की परंपरा है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी रक्षा-सूत्र बांधने की परंपरा है. नेपाल में भी रक्षाबंधन से जुड़ी परंपरा जनै पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है, जिसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है.
Raksha Bandhan पर क्या-क्या किया जाता है?
रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद बहनें राखी की थाली तैयार करती हैं. इसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जाती है. इसके बाद बहन भाई को तिलक लगाती है, उसकी आरती करती है और कलाई पर राखी बांधती है. भाई मिठाई खिलाकर बहन को उपहार देता है.

Raksha Bandhan Traditions: बदलते समय के साथ बदला रक्षाबंधन मनाने का तरीका
पहले रक्षाबंधन के मौके पर बहनें बाजार से राखी खरीदकर भाई को बांधती थीं. अब बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ-साथ डिजाइनर, कार्टून, पर्यावरण के अनुकूल और बच्चों के लिए विशेष राखियां भी उपलब्ध होती हैं. दूर रहने वाले भाई-बहन अब ऑनलाइन राखी और उपहार भेजकर भी यह त्योहार मनाते हैं. वीडियो कॉल के जरिए राखी बांधने की रस्म में शामिल होना भी आम हो गया है.
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