RIMS से कैसे बनें Cardiologist? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप पूरा रास्ता

रिम्स (PC-ऑफिशियल वेबसाइट)
How to become Cardiologist: कार्डियोलॉजिस्ट (Cardiologist) बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए सही करियर प्लानिंग बेहद जरूरी है. अगर आप राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची से कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं, तो आपको MBBS के बाद जनरल मेडिसिन में MD और फिर कार्डियोलॉजी में सुपर-स्पेशलाइजेशन (DM) करना होगा. यह सफर करीब 11 से 12 साल का होता है, जिसमें कई नेशनल लेवल की प्रवेश परीक्षाएं पास करनी पड़ती हैं.
How to Become Cardiologist In Ranchi: डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले बहुत से युवा कार्डियोलॉजिस्ट (दिल की बीमारी के एक्सपर्ट) में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. इस फील्ड में करियर बनाने के लिए स्कूल से अच्छी पढ़ाई करनी पड़ती है. अगर आप झारखंड में हैं और यहां से कार्डिलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो RIMS यानी कि राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. आइए, स्टेप-बाय-स्टेप जानते हैं कि रिम्स से कार्डियोलॉजिस्ट बनने के लिए क्या करना होगा.
Step 1: 12वीं साइंस से करें
कार्डियोलॉजिस्ट बनने की शुरुआत 12वीं से होती है. कैंडिडेट को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) सब्जेक्ट के साथ 12वीं पास करनी होती है. इसी दौरान NEET UG की तैयारी शुरू करना सबसे बेहतर माना जाता है.
Step 2: NEET UG पास कर करें MBBS
12वीं के बाद कैंडिडेट्स को NEET UG परीक्षा पास करनी होगी. इसके आधार पर RIMS रांची या किसी अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन मिलता है.
MBBS कोर्स की अवधि 5.5 वर्ष होती है-
- 4.5 वर्ष की पढ़ाई
- 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप
Step 3: NEET PG के जरिए करें MD
MBBS पूरा करने के बाद कैंडिडेट को NEET PG परीक्षा पास करनी होगी. इसके बाद MD General Medicine या MD Paediatrics में 3 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट कोर्स करना होता है. कार्डियोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए आमतौर पर MD General Medicine सबसे बेस्ट कोर्स माना जाता है.
Step 4: DM Cardiology करें
MD पूरा करने के बाद कैंडिडेट को NEET SS (Super Speciality) परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद DM Cardiology में एडमिशन मिलता है. यह 3 वर्षीय सुपर-स्पेशलिटी कोर्स होता है, जिसमें हृदय रोगों की पहचान और एडवांस बीमारियों और उनके इलाज की ट्रेनिंग दी जाती है.
RIMS रांची में है Cardiology विभाग
RIMS रांची में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट है. 2010 में इस विभाग की शुरुआत हुई थी. यहां से MBBS सहित सुपर स्पेशलिटी विषयों में डीएम (DM) और एमसीएच (MCh) का कोर्स कर सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DM का मतलब डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन और MCh यानी कि Master of Chirurgiae (Surgical Degree) है.

कार्डियोलॉजिस्ट क्या करते हैं?
कार्डियोलॉजिस्ट हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं. वे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेल्योर, एंजाइना, जन्मजात हृदय रोग और अन्य कार्डियक समस्याओं की जांच, इलाज और रोकथाम में एक्सपर्ट होते हैं. सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के अलावा मेडिकल कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों में भी इनके लिए अच्छे करियर अवसर उपलब्ध हैं.
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By शाम्भवी शिवानी
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