देश में MBBS की 3275 सीटें बढ़ीं, NMC ने जारी किया नया सीट मैट्रिक्स
MBBS स्टूडेंट की सांकेतिक स्टूडेंट
NEET UG 2026: देश में मेडिकल सीटों में इजाफा हो सकता है. NMC ने MBBS के लिए सीट मैट्रिक्स जारी की है. इसके अनुसार, देश में MBBS की कुल सीटें बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं. अब मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलना आसान हो सकता है.
NEET UG 2026: मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन कराने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए MBBS सीटों का अपडेटेड सीट मैट्रिक्स जारी किया है. जारी आंकड़ें के अनुसार, देश में MBBS की कुल सीटें बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं. जुलाई के मुकाबले 3,275 सीटों का इजाफा हुआ है.
सरकारी MBBS सीटों की संख्या भी बढ़ी
नए आंकड़ों के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Government Medical Colleges) में MBBS की सीटें बढ़कर 63,971 हो गई हैं. जुलाई में सरकारी MBBS सीटों की संख्या 63,296 थी. वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर 76,243 हो गई है, जो जुलाई में 73,643 थी.
| कैटेगरी | जुलाई 2026 | सितंबर 2026 |
| सरकारी MBBS सीटें | 63,296 | 63,971 |
| प्राइवेट MBBS सीटें | 73,643 | 76,243 |
| कुल MBBS सीटें | 1,36,939 | 1,40,214 |
13 नए मेडिकल कॉलेज भी जुड़े
NMC के नए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में देश में कुल 823 मेडिकल कॉलेज थे. सितंबर में यह संख्या बढ़कर 836 हो गई है. यानी 13 नए मेडिकल कॉलेज भी जुड़े हैं. इनमें 4 सरकारी और 9 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज शामिल हैं.

पिछले साल के मुकाबले भी MBBS सीटों में बड़ा इजाफा हुआ है. शैक्षणिक सत्र 2025-26 में देश में 1,27,028 MBBS सीटें थीं, जो अब बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं. यानी एक साल में 13,186 MBBS सीटें बढ़ी हैं.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा MBBS सीटें?
नए सीट मैट्रिक्स में कर्नाटक में सबसे ज्यादा 15,745 MBBS सीटें हैं. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 14,400, तमिलनाडु में 14,299 और महाराष्ट्र में 13,249 सीटें हैं.
| राज्य | सरकारी सीटें | प्राइवेट सीटें | कुल MBBS सीटें |
| कर्नाटक | 4,600 | 11,145 | 15,745 |
| उत्तर प्रदेश | 5,700 | 8,700 | 14,400 |
| तमिलनाडु | 5,349 | 8,950 | 14,299 |
| महाराष्ट्र | 6,000 | 7,249 | 13,249 |
| तेलंगाना | 4,400 | 6,050 | 10,450 |
| राजस्थान | 4,480 | 3,800 | 8,280 |
| गुजरात | 4,250 | 3,550 | 7,800 |
| पश्चिम बंगाल | 4,500 | 2,850 | 7,350 |
| मध्य प्रदेश | 3,020 | 3,100 | 6,120 |
| बिहार | 1,810 | 2,850 | 4,660 |
NEET UG कैंडिडेट्स को क्या फायदा होगा?
MBBS की सीटें बढ़ने से NEET UG कैंडिडेट्स के लिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के ऑप्शन बढ़ेंगे. सीट बढ़ने से एडमिशन पर भी इसका असर दिखेगा. कुछ जगहों पर नीट कटऑफ नीचे भी जा सकती है. हालांकि, ये बदलाव कॉलेज के अनुसार अलग-अलग होंगे.
मेडिकल कॉलेज तय सीटों से ज्यादा एडमिशन नहीं ले सकेंगे
NMC ने मेडिकल कॉलेजों और काउंसलिंग समितियों को साफ निर्देश दिया है कि एडमिशन केवल स्वीकृत सीटों के आधार पर ही किया जाए. किसी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत संख्या से अधिक स्टूडेंट्स का एडमिशन होने पर इसे नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 और संबंधित नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियामक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
NMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीट मैट्रिक्स जरूरत पड़ने पर अपील समिति या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण के फैसले के आधार पर दोबारा संशोधित किया जा सकता है. इसलिए NEET UG candidates को काउंसलिंग के दौरान जारी होने वाले अपडेटेड सीट मैट्रिक्स पर नजर रखनी होगी.
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