Mutual Fund: हर महीने चाहिए नियमित कमाई? कैसे बनेगा निवेश से कैश फ्लो, जानिए SWP का तरीका

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म्यूचुअल फंड से रेगुलर कैश फ्लो. फोटो - सोशल मीडिया

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क्या आप अपने म्यूचुअल फंड निवेश से नियमित आय चाहते हैं? सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) आपको यह सुविधा देता है. जानिए यह कैसे काम करता है और इसे कैसे शुरू करें.

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Mutual Fund: म्यूचुअल फंड में निवेश का मकसद सिर्फ पैसा जमा करना नहीं, बल्कि जरूरत के समय उससे नियमित आय हासिल करना भी है. अगर आप अपने निवेश से हर महीने या हर तिमाही एक तय रकम निकालना चाहते हैं, तो सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) आपके लिए एक विकल्प हो सकता है. SWP के जरिए म्यूचुअल फंड में जमा रकम का एक हिस्सा नियमित अंतराल पर निकाला जाता है, जबकि बाकी निवेशित राशि फंड में बनी रहती है.

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SIP का उल्टा है SWP, निवेश की रकम से बनेगा नियमित

सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को आमतौर पर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) का उल्टा कहा जाता है. SIP में निवेशक हर महीने या तय अंतराल पर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाता है, जबकि SWP में पहले से निवेश की गई रकम में से एक निश्चित राशि को नियमित तौर पर रिडीम किया जाता है. यह रकम मासिक या तिमाही आधार पर ली जा सकती है.

रिटायरमेंट के बाद बन सकता है नियमित आय का जरिया

SWP उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें अपने निवेश से नियमित कैश फ्लो की जरूरत होती है. रिटायर व्यक्ति, फ्रीलांसर या ऐसे निवेशक जिनके पास नियमित वेतन नहीं है, अपनी जरूरत के मुताबिक SWP के जरिए एक तय रकम निकाल सकते हैं. इस तरह निवेश को एकमुश्त खत्म करने के बजाय उससे समय-समय पर पैसा निकाला जा सकता है.

SWP शुरू करना है तो क्या करना होगा?

SWP शुरू करने के लिए संबंधित म्यूचुअल फंड या निवेश प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विकल्पों में जाकर 'Create SWP' चुनना होता है. इसके बाद निवेशक को यह तय करना होता है कि वह हर महीने कितनी रकम निकालना चाहता है. रकम का चुनाव अपनी नियमित Cash Flow की जरूरत के हिसाब से किया जा सकता है.

तारीख चुनें और Confirm करें SWP

विथड्रॉल अमाउंट तय करने के बाद सिस्टम उपलब्ध निवेश के आधार पर अनुमानित जानकारी दिखा सकता है. इसके बाद निवेशक अपनी पसंद की तारीख चुनकर SWP को कन्फर्म कर सकता है. स्वीकृति के बाद निर्धारित रकम नियमित अंतराल पर रिडीम होकर रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जा सकती है.

बाजार के प्रदर्शन के साथ बदलता है पोर्टफोलियो का मूल्य

SWP में निकाली जाने वाली रकम म्यूचुअल फंड यूनिट्स को रिडीम करके हासिल होती है. इसलिए अमाउंट के समय फंड की मौजूदा वैल्यू और निवेश की स्थिति महत्वपूर्ण होती है. निकासी के दौरान रकम का हिस्सा मूल निवेश से संबंधित हो सकता है, जबकि कुछ हिस्सा पूंजीगत लाभ(Capital Gains) से जुड़ा हो सकता है. बाकी यूनिट्स फंड में निवेशित रहती हैं.

बाजार गिरने पर बड़े पैमाने पर पैसा निकालने से बचा सकता है SWP

SWP का एक फायदा यह भी है कि निवेशक पहले से तय योजना के तहत धीरे-धीरे पैसा निकाल सकता है. इससे जरूरत पड़ने पर पूरे निवेश को एक साथ बेचने की आवश्यकता कम हो सकती है. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड के मूल्य और भविष्य की निकासी क्षमता पर पड़ सकता है.

Dividend और SWP में क्या है अंतर?

SWP और म्यूचुअल फंड Dividend को एक जैसा नहीं समझना चाहिए. SWP में निवेशक अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स का एक हिस्सा रिडीम करता है. निकासी पर लागू टैक्स फंड के प्रकार, यूनिट्स की होल्डिंग अवधि और Capital Gains के नियमों पर निर्भर करता है.

SWP में आम तौर पर हरMutual Fund: म्यूचुअल फंड में निवेश का मकसद सिर्फ पैसा जमा करना नहीं, बल्कि जरूरत के समय उससे नियमित आय हासिल करना भी है. अगर आप अपने निवेश से हर महीने या हर तिमाही एक तय रकम निकालना चाहते हैं, तो सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) आपके लिए एक विकल्प हो सकता है. SWP के जरिए म्यूचुअल फंड में जमा रकम का एक हिस्सा नियमित अंतराल पर निकाला जाता है, जबकि बाकी निवेशित राशि फंड में बनी रहती है.

SIP का उल्टा है SWP, निवेश की रकम से बनेगा नियमित

सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को आमतौर पर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) का उल्टा कहा जाता है. SIP में निवेशक हर महीने या तय अंतराल पर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाता है, जबकि SWP में पहले से निवेश की गई रकम में से एक निश्चित राशि को नियमित तौर पर रिडीम किया जाता है. यह रकम मासिक या तिमाही आधार पर ली जा सकती है.

रिटायरमेंट के बाद बन सकता है नियमित आय का जरिया

SWP उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें अपने निवेश से नियमित कैश फ्लो की जरूरत होती है. रिटायर व्यक्ति, फ्रीलांसर या ऐसे निवेशक जिनके पास नियमित वेतन नहीं है, अपनी जरूरत के मुताबिक SWP के जरिए एक तय रकम निकाल सकते हैं. इस तरह निवेश को एकमुश्त खत्म करने के बजाय उससे समय-समय पर पैसा निकाला जा सकता है.

SWP शुरू करना है तो क्या करना होगा?

SWP शुरू करने के लिए संबंधित म्यूचुअल फंड या निवेश प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विकल्पों में जाकर 'Create SWP' चुनना होता है. इसके बाद निवेशक को यह तय करना होता है कि वह हर महीने कितनी रकम निकालना चाहता है. रकम का चुनाव अपनी नियमित Cash Flow की जरूरत के हिसाब से किया जा सकता है.

तारीख चुनें और Confirm करें SWP

विथड्रॉल की पूरी रकम को आय मानकर टैक्स नहीं लगाया जाता. Tax treatment मुख्य रूप से उस मोचन (Redemption) में शामिल पूंजीगत लाभ (Capital Gain) पर निर्भर करता है. साथ ही, कुछ मामलों में TDS के नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए SWP शुरू करने से पहले संबंधित म्यूचुअल फंड की मौजूदा Tax rules और अपनी स्थिति के अनुसार सलाह लेना जरूरी है.

SWP चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

SWP शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी नियमित जरूरत कितनी है और मौजूदा निवेश उस निकासी को कितने समय तक सपोर्ट कर सकता है. अगर विथड्रॉल रेट बहुत ज्यादा है, तो समय के साथ पोर्टफोलियो का मूल्य तेजी से कम हो सकता है. वहीं बाजार में गिरावट के दौरान लगातार निकासी से निवेश पर दबाव बढ़ सकता है.

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