शक्ति योजना के तहत परिवहन निगमों का 5,650 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान: महाराष्ट्र सरकार कब तक करेगी!

Updated:
विज्ञापन

महाराष्ट्र में शक्ति योजना के बकाया भुगतान को लेकर परिवहन निगम के अधिकारियों से बातचीत करते बस कर्मचारी. फोटो- AI

महाराष्ट्र की शक्ति योजना के तहत सरकारी बस ऑपरेटरों का 5,650 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान अटक गया है. यह देरी MSRTC की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों के वेतन पर गहरा असर डाल रही है. जानिए कब तक हो सकता है भुगतान.

विज्ञापन

महाराष्ट्र की 'शक्ति योजना' के तहत सरकारी बस ऑपरेटरों को 5,650 करोड़ रुपये का भुगतान कब मिलेगा, यह एक बड़ा सवाल है. लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) और उसके कर्मचारियों के बीच यह मामला कब सुलझेगा. यह राशि पिछले कई महीनों से रुकी हुई है, जिससे बसों के संचालन, कर्मचारियों के वेतन और निगमों की वित्तीय हालत पर गहरा असर पड़ रहा है. सरकार ने अभी तक इस भुगतान के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई है, जिससे चिंताएं और बढ़ गई हैं.

विज्ञापन

'शक्ति योजना' का बड़ा बकाया: क्यों हो रही है देरी?

'शक्ति योजना' महिला यात्रियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है. इस योजना का खर्च महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) वहन करता है. योजना के तहत, बसों के संचालन पर आने वाले खर्च का भुगतान सरकार MSRTC को करती है. हालांकि, पिछले कुछ समय से यह भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण 5,650 करोड़ रुपये का एक बड़ा बकाया जमा हो गया है.

5650 करोड़ क्यों अटके हैं? देरी के पीछे की असली वजह

भुगतान में देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, सरकारी बजट में पैसे की कमी, इसका मतलब है कि सरकार के पास इस मद के लिए फिलहाल उतने पैसे उपलब्ध नहीं हैं जितने की जरूरत है. साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी और अन्य वित्तीय प्राथमिकताओं के कारण यह परेशानी हुई है. MSRTC को हर महीने बड़ी रकम का भुगतान मिलना होता है, लेकिन भुगतान में अनियमितता के कारण निगम के लिए अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है.

बसें खड़ी, तनख्वाह अटकी: MSRTC की खस्ताहाल हालत

बकाया भुगतान न मिलने से MSRTC की वित्तीय सेहत लगातार बिगड़ रही है. कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी देरी हो रही है, जिससे कर्मचारियों में रोष है. कल्पना कीजिए, एक बस ड्राइवर, जो परिवार का इकलौता कमाने वाला है, उसे त्योहार के मौके पर भी बच्चों की स्कूल फीस भरते हुए सोचना पड़ रहा है, क्योंकि उसका वेतन देर से मिल रहा है. इसके अलावा, बसों के रखरखाव और नई बसों की खरीद पर भी असर पड़ रहा है. देरी से होने वाले भुगतान के कारण बसों का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जिससे यात्रियों को पुरानी और खराब बसों में यात्रा करनी पड़ रही है, और कभी-कभी तो बसें बीच रास्ते में ही खराब हो जाती हैं.

भविष्य की राह

सभी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि वह 5,650 करोड़ रुपये के इस बकाये का भुगतान कब तक करती है, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पटरी पर लौट सके. अगर यह समस्या बनी रहती है, तो यह न केवल MSRTC की वित्तीय स्थिति को और कमजोर करेगी, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है. सरकार को इस मामले में पारदर्शिता और समयबद्धता का ध्यान रखना होगा ताकि इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से चलता रहे.

ये भी पढ़ें: Gruha Lakshmi Yojana: गृहलक्ष्मी योजना में अब मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल से अपडेट करें अपनी जानकारी, लाभार्थियों को राहत


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola