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पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने लगाई सेंचुरी, लगातार क्यों बढ़ रहे हैं इनके दाम, जानिए क्या है कारण

Updated at : 23 Feb 2021 10:20 AM (IST)
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पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने लगाई सेंचुरी, लगातार क्यों बढ़ रहे हैं इनके दाम, जानिए क्या है कारण

आर्थिक गतिविधियों में तेजी और बढ़ती मांग के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल का रुख है. देश के कुछ राज्यों में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गयी हैं. इन कीमतों में केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई का बढ़ा हिस्सा भी है.

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आर्थिक गतिविधियों में तेजी और बढ़ती मांग के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल का रुख है. देश के कुछ राज्यों में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गयी हैं. इन कीमतों में केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई का बढ़ा हिस्सा भी है. केंद्र और राज्यों सरकारों के सामने राजस्व का गंभीर संकट है, इसलिए अप्रत्यक्ष करों में कटौती करना उनके लिए थोड़ा मुश्किल भी है. पहले से ही कमाई और बचत की कमी से जूझ रहे आम लोगों को डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें परेशान करने लगी हैं.

100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा पेट्रोल

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की बेवसाइट पर उपलब्ध आंकड़े के अनुसार बीते बुधवार को क्रमश: 26 व 27 पैसे की वृद्धि के साथ राजस्थान के श्री गंगानगर में पेट्रोल की कीमत 100़ 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 92़ 13 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गयी़ इस कीमत के साथ देश में पहली बार नियमित पेट्रोल की खुदरा कीमत तीन अंकों में पहुंची है़

अलग-अलग कर दर के कारण राज्यों की कीमतों में अंतर

देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक समान नहीं होती हैं, राज्यवार इनमें अंतर होता है़ ऐसा इसलिए है, क्योंकि केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इस पर कर लगाया जाता है़ केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया कर, जो पूरे देश में लागू होता है, वह राज्यवार बदलता नहीं है़ लेकिन राज्य सरकारें जो कर लगाती हैं, उसकी दर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है, इसी कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें पूरे देश में एक समान नहीं होती़ं राज्य और केंद्र सरकार द्वारा लगाये गये करों के अलावा, कुछ और खर्चे भी होते हैं, जिन्हें इनकी कीमत में जोड़ दिया जाता है़ इसी कारण पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाते है़ं

सऊदी अरब ने की उत्पादन में कटौती

बीते वर्ष अक्तूबर के बाद से देश में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है़ जनवरी, 2020 के 63़ 7 डाॅलर प्रति बैरल की तुलना में अक्तूबर में इसकी कीमत 40़ 1 डॉलर प्रति बैरल हो गयी थी़ दूसरे देशों में जहां कच्चे तेल की कीमतें महामारी पूर्व कीमतों पर पहुंच रही हैं, वही भारत में इस वर्ष जनवरी में ऑटो फ्लूएल प्राइस रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहे़

महामारी के दौरान मांग में कमी आने से बीते वर्ष अप्रैल में कच्चे तेल के दाम में गिरावट दर्ज हुई थी़ लेकिन वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही ब्रेंट क्रूड के लिए कच्चे तेल की दर 40 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 63़ 49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गयी है़ विदित हो कि ब्रेंट क्रूड वैश्विक तेल कीमतों का एक संकेतक है़

इस बीच तेल उत्पादन करने वाले एक

प्रमुख देश, सऊदी अरब ने फरवरी और मार्च, 2021 के लिए अपने प्रतिदिन के तेल उत्पादन में स्वेच्छा से एक मिलियन बैरल से आठ मिलियन बैरल से कुछ अधिक की कटौती कर दी है, ताकि तेल कीमतों में उछाल आ सके़

कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत

(रुपये प्रति लीटर)

16 फरवरी को दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत

बेस कीमत

पेट्रोल

” 31.82

डीजल

” 33.46

परिवहन व अन्य खर्च

पेट्रोल

” 0.28

डीजल

” 0.25

उत्पाद शुल्क

पेट्रोल ” 32.90

डीजल” 31.80

डीलर कमीशन

पेट्रोल” 3.68

डीजल” 2.51

स्रोत : आइओसीएल

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बीते 12 सप्ताह में देश में पेट्रोल की कीमत में आठ रुपये और डीजल की कीमत में नौ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है़

भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर)

देश पेट्रोल डीजल

पाकिस्तान 51़ 00 52़ 91

बांग्लादेश 76़ 7 56़ 01

श्रीलंका 60़ 33 38़ 97

नेपाल 68़ 99 58़ 33

स्रोत : ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेस डॉट कॉम (आठ फरवरी की कीमतें)

प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम (रुपये प्रति लीटर)

राज्य पेट्रोल डीजल

दिल्ली 90़ 58 80़ 97

मुंबई 97़ 00 88़ 06

कोलकाता 91़ 78 84़ 56

चेन्नई 92़ 59 85़ 98

पटना 92़ 91 86़ 22

रांची 88़ 08 85़ 60

स्रोत : आइओसीएल

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पेट्रोिलयम की बढ़ती कीमतों का मुद्रास्फीति पर प्रभाव

ईंधन की बढ़ती महंगाई की क्षतिपूर्ति वर्तमान में खाद्य पदार्थों की कम कीमतें कर रही हैं, लेकिन यात्रा के मद में होनेवाले ज्यादा खर्चों के चलते पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें अब लोगों को चुभने लगी हैं, क्योंकि यात्रा मद में उन्हें पूर्व की तुलना में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है.

मॉनसून के कमजोर रहने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र में इसका असर किसानों पर भी हो सकता है, क्योंकि तब उन्हें सिंचाई के लिए डीजल आधारित सिंचाई प्रणाली पर निर्भर रहना होगा़

मांग और आपूर्ति पर बढ़ सकता है दबाव

पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों में अभी कमी आने के आसार नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में इतनी जल्दी नरमी नहीं आने वाली, न ही कर दरों में हाल-फिलहाल किसी प्रकार की कटौती की कोई गुंजाइश दिख रही है़ ईंधन के दाम बढ़ने से आवगामन में पहले की तुलना में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है़ यदि सबकुछ ऐसा ही चलता रहा तो मांग और आपूर्ति पर दबाव बढ़ेगा. पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा खर्च होने से आवागमन और माल ढुलाई महंगी हो जायेगी. परिणामस्वरूप महंगाई का बढ़ना तय है. बढ़ती कीमतों के कारण अन्य वस्तुओं की मांग भी कमजोर होगी़

बीते 12 सप्ताह में देश में पेट्रोल की कीमत में आठ रुपये और डीजल की कीमत में नौ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है़

हर दिन तय होती हैं कीमतें : क्रूड की कीमत के आधार पर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में विदेशी मुद्रा दरों के साथ प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है़ इन कीमतों की समीक्षा के बाद तेल विपणन कंपनियां हर दिन पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती है़ं इसके बाद रोज सुबह इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पेट्रोल और डीजल की दरें संशोधित कर इसे जारी करती है़ं

राजस्व प्राप्ति के लिए सरकार ने बढ़ाया कर

तेल की बढ़ती कीमतों का एक कारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला कर भी है़ केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने क्रमश: केंद्रीय उत्पाद शुल्क और वैट बढ़ा दिया है, ताकि राजस्व की अधिक प्राप्ति हो सके़ दिल्ली को यदि उदाहरण के रूप में लें, तो यहां राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा लगाया गया कर पेट्रोल के बेस प्राइस का लगभग 180 प्रतिशत और डीजल के बेस प्राइस का 141 प्रतिशत है़

केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाया गया उत्पाद शुल्क

पेट्रोल

रुपये 32.90 / लीटर

रुपये 19.98 / लीटर

वर्तमान स्थिति

2020 की शुरुआत

डीजल

रुपये 31.80 / लीटर

रुपये 15.83 / लीटर

वर्तमान स्थिति

2020 की शुरुआत

एसएमएस से जानें पेट्रोल-डीजल के भाव

इंडियल ऑयल कॉरपोरेशन के उपभोक्ता आरएसपी के बाद डीलर कोड लिख 9224992249 पर भेजकर किसी भी शहर के पेट्रोल-डीजल का भाव जान सकते है़ं एचपीसीएल के उपभोक्ता एचपीपीआरआइसीई (एचपीप्राइस) के बाद डीलर कोड लिखकर 9222201122 और बीपीसीएल के उपभोक्ता आरएसपी के बाद डीलर कोड लिख 9223112222 पर भेजकर पेट्रोल-डीजल का भाव जान सकते है़ं उदाहरण के लिए, यदि आप रांची में रहते हैं और आइओसीएल के उपभोक्ता हैं तो आपको आरएसपी 166751 लिखकर 9224992249 पर भेजना होगा़

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