तेल कंपनियों को मिली राहत, गैस सिलेंडर पर कम हुआ घाटा
Photo: ANI
सरकारी तेल कंपनियों को LPG पर राहत मिली है. जुलाई में घरेलू गैस सिलेंडर पर होने वाला घाटा घटा है. जानिए IOC, BPCL और HPCL ने आगे के लिए क्या अनुमान जताया है.
इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का कहना है कि घरेलू सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर पर होने वाला नुकसान पहले के मुकाबले कम हुआ है. हालांकि कंपनियों का कहना है कि अभी भी उन पर हजारों करोड़ रुपये का बोझ बना हुआ है.
जुलाई में कितना कम हुआ नुकसान?
कंपनियों के मुताबिक जुलाई में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर होने वाला अंडर-रिकवरी (नुकसान) घटकर करीब 475 से 490 रुपये प्रति सिलेंडर रह गई. इसकी वजह सऊदी अरब के एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में नरमी रही. अब अगस्त के लिए सऊदी अरब ने एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस 592 डॉलर प्रति टन तय किया है. अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो तेल कंपनियों का अनुमान है कि नुकसान घटकर करीब 210 रुपये प्रति सिलेंडर तक आ सकता है.
IOC ने आगे के लिए क्या कहा?
इंडियन ऑयल का कहना है कि अगर मौजूदा स्तर पर ही सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस बनी रहती है तो चालू तिमाही में औसतन एलपीजी पर नुकसान करीब 250 रुपये प्रति सिलेंडर रह सकता है. हालांकि कंपनी ने यह भी साफ किया कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें फिर बढ़ती हैं तो नुकसान दोबारा बढ़ सकता है. यानी आने वाले महीनों में तस्वीर पूरी तरह वैश्विक कीमतों पर निर्भर रहेगी.
कंपनियों पर अभी कितना बोझ है?
हालांकि जुलाई में नुकसान कम हुआ है, लेकिन पहले से जमा वित्तीय बोझ अभी भी काफी बड़ा है.
| कंपनी | जून के अंत तक एलपीजी अंडर-रिकवरी बफर |
| IOC | ₹29,700 करोड़ |
| HPCL | ₹16,400 करोड़ |
| BPCL | ₹15,800 करोड़ |
बीपीसीएल को सरकार से करीब ₹19,000 करोड़ का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का बकाया नुकसान काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है. वहीं तीनों सरकारी कंपनियों में सबसे ज्यादा एलपीजी का बोझ अभी भी IOC पर है.
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By सौम्या शाहदेव
सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.
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