न लाइन, न फाटक, न इंतजार, हाईवे का सफर होगा झटपट, चलती गाड़ी में कटेगा टोल
बिना रुके चलती गाड़ी से सीधा कटेगा टोल
हाईवे पर टोल जाम से जल्द मिलेगी राहत. जानिए MLFF सिस्टम कैसे बिना रुके टोल वसूलेगा और FASTag को OneTag से बैंक बदलना कितना आसान होगा.
FASTag: अगर आप हाईवे पर बार-बार टोल प्लाजा के लंबे जाम से परेशान होते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. जल्द ही आपको टोल बूथ पर गाड़ी धीमी करने या रुकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार एक ऐसी नई तकनीक ला रही है, जिससे आपकी गाड़ी रफ्तार में ही टोल पार कर जाएगी और पैसे अपने आप कट जाएंगे.
इस नई तकनीक से आम जनता को क्या फायदा होगा?
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम लागू किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर बैरियर (फाटक) पूरी तरह हटा दिए जाएंगे.
- समय की बचत: टोल बूथ पर लगने वाली लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी.
- ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बचत: बार-बार गाड़ी रोकने और स्टार्ट करने में होने वाला ईंधन का नुकसान बंद होगा.
- सफर होगा आसान: बिना किसी रुकावट के लंबी दूरी की यात्राएं ज्यादा तेजी से पूरी होंगी.
यह नया सिस्टम कब और कैसे काम करेगा?
यह सिस्टम हाईवे पर लगे हाई-टेक कैमरों और सेंसर्स की मदद से काम करेगा. जब आपकी गाड़ी टोल पॉइंट से गुजरेगी, तो कैमरे अपने आप आपकी गाड़ी के नंबर प्लेट और फास्टैग को पहचान लेंगे और टोल टैक्स सीधे आपके खाते से डिजिटल तरीके से कट जाएगा.
| चरण | समय सीमा | कितना बदलाव दिखेगा? |
| पहला चरण | फरवरी के अंत तक | ट्रायल और सिस्टम की शुरुआत होगी. |
| दूसरा चरण | इस साल दिसंबर के अंत तक | 70% से ज्यादा टोल बूथ बिना रुकावट वाले बन जाएंगे. |
| तीसरा चरण | मार्च 2027 तक | देश के 100% टोल प्लाजा पूरी तरह बैरियर-फ्री हो जाएंगे. |
फास्टैग बैंक बदलने के लिए क्या अब स्टीकर उखाड़ना पड़ेगा?
अब तक बैंक बदलने पर पुराना फास्टैग स्टीकर निकालकर नया स्टीकर लगाना पड़ता था. लेकिन अब सरकार ने 'वनटैग' (OneTag) सुविधा शुरू कर दी है.
इसके तहत आपको शीशे से फास्टैग का स्टीकर हटाने की कोई जरूरत नहीं है. आप घर बैठे 'राजमार्गयात्रा' (Rajmargyatra) ऐप के जरिए अपना मौजूदा फास्टैग किसी भी दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं.
सरकार और देश के लिए यह बदलाव क्यों जरूरी है?
इस पूरी व्यवस्था से जहां आम चालकों के समय और पैसों की बचत होगी, वहीं सरकारी खजाने को भी बड़ा फायदा मिलेगा.
- इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (FASTag) से टोल आय में पहले ही 10% (करीब 7,000 करोड़ रुपये) की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे कुल राजस्व 82,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.
- नए बिना रुकावट वाले सिस्टम से कलेक्शन में 10% (7,000 से 8,000 करोड़ रुपये) का और इजाफा होने की उम्मीद है.
- पूरी तरह पारदर्शी सिस्टम से सरकार को सालाना 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक का आर्थिक लाभ मिल सकता है.
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