EPF Interest Update: प्रॉविडेंट फंड पर अब मिलेगा ज्यादा ब्याज, जानें नई गाइडलाइंस

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EPF Interest Update

EPF Interest Update: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए एक खुशखबरी है. अब उनके संचित बैलेंस पर ब्याज का भुगतान अंतिम निपटान की तारीख तक किया जाएगा.

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EPF Interest Update: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए एक खुशखबरी है. अब उनके संचित बैलेंस पर ब्याज का भुगतान अंतिम निपटान की तारीख तक किया जाएगा. पहले यह ब्याज केवल उस महीने के अंत तक दिया जाता था जो निपटान की प्रक्रिया से पहले का था. इससे सदस्य अच्छा-खासा ब्याज खो देते थे.

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परिवर्तन की स्वीकृति और लागू होने की प्रक्रिया

EPF योजना 1952 के पैरा 60(2)(b) में संशोधन को केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. यह नया नियम सरकार द्वारा गजट अधिसूचना जारी करने के बाद प्रभावी होगा.

उदाहरण के लिए कितना होगा अतिरिक्त ब्याज? यदि किसी सदस्य के खाते में ₹1 करोड़ की राशि है और वह 20 तारीख को अंतिम निपटान के लिए आवेदन करता है तो उसे 8.25% की ब्याज दर पर 20 दिनों का अतिरिक्त ब्याज ₹44,355 मिलेगा. इसी तरह ₹2 करोड़ की राशि के लिए यह ब्याज ₹88,710 होगा.

अंतिम निपटान के लिए नए नियम

यह संशोधन निम्नलिखित स्थितियों में पूर्ण EPF निकासी पर लागू होगा

  • 55 वर्ष की आयु के बाद सेवा से सेवानिवृत्ति
  • विकलांगता के कारण सेवानिवृत्ति
  • विदेश में रोजगार के लिए जाना
  • दो महीने की बेरोजगारी के बाद EPF खाता बंद करना

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निष्क्रिय खाते पर ब्याज नियम

सेवानिवृत्ति के बाद यदि निकासी के लिए आवेदन नहीं किया गया, तो खाता तीन साल तक सक्रिय रहेगा और उस पर ब्याज मिलता रहेगा. तीन साल बाद खाता निष्क्रिय हो जाएगा और ब्याज नहीं दिया जाएगा.

EPF पर कर नियम और लाभ

EPF खाते पर अर्जित ब्याज, यदि सक्रिय योगदान हो, तो कर मुक्त होता है. लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद जमा ब्याज कर योग्य होता है. यदि कोई सदस्य 58 वर्ष की उम्र के बाद काम करता है, तो EPF योगदान जारी रहेगा, लेकिन EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) में योगदान बंद हो जाएगा.

EPS में पेंशन की गणना

EPS में पेंशन निम्नलिखित फार्मूले के आधार पर तय होती है.योगदान के वर्षों की संख्या × अंतिम पांच वर्षों का औसत वेतन (₹15,000 की सीमा) ÷ 70. 35 साल के योगदान पर अधिकतम ₹7,500 मासिक पेंशन मिलती है. न्यूनतम पेंशन ₹1,000 तय है.

EPF और VPF का लाभ

EPF योगदान पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कर छूट मिलती है. कर्मचारी VPF (स्वैच्छिक भविष्य निधि) में भी योगदान कर सकते हैं. VPF पर ब्याज दर EPF के समान है और यह कर मुक्त है. हालांकि, ₹2.5 लाख से ऊपर के योगदान पर आयकर लगता है.

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