3-5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन इंजन खराब नहीं! E20 पर सरकार का दावा

Updated:
विज्ञापन
3-5% तक घट सकता है माइलेज, लेकिन इंजन खराब नहीं! E20 पर सरकार का दावा

कार में E20 पेट्रोल फिलिंग / एआई इमेज

अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि E20 पेट्रोल भरवाने से पुरानी गाड़ी के इंजन को नुकसान हो सकता है, तो सरकार ने इस पर अपना पक्ष साफ कर दिया है.

विज्ञापन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि E20 पेट्रोल की वजह से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या गाड़ियां बंद पड़ने का कोई सत्यापित सबूत नहीं मिला है. मंत्रालय के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से देश में ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई, जिससे यह साबित हो कि E20 से गाड़ियों को व्यापक नुकसान हो रहा है.

क्या पुरानी गाड़ियां E20 पेट्रोल पर चल सकती हैं?

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 2023 से पहले बनी गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए उपयुक्त नहीं हैं. मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि एक प्रमुख ऑटो कंपनी ने करीब 1.5 करोड़ ऐसी गाड़ियों के सर्विस रिकॉर्ड की जांच की, जिन्हें शुरुआत में E20 के लिए प्रमाणित नहीं किया गया था. जांच में जंग लगने, इंजन के ज्यादा घिसने या पार्ट्स की उम्र कम होने जैसी कोई समस्या नहीं मिली. वहीं एक अन्य वाहन निर्माता ने भी करीब 1.4 करोड़ E20 पर चलने वाली गाड़ियों का डेटा देखा और एथेनॉल की वजह से किसी तरह के नुकसान का कोई सबूत नहीं पाया.

सरकार ने किन आधारों पर किया दावा?

मंत्रालय के अनुसार, भारत में E15 से ज्यादा एथेनॉल वाला पेट्रोल पिछले साढ़े तीन साल से और E19-E20 पेट्रोल ढाई साल से अधिक समय से इस्तेमाल हो रहा है. सरकार का कहना है कि अगर E20 से सच में बड़े पैमाने पर नुकसान होता, तो ये बातें सामने आती:

  • बड़ी संख्या में इंजन खराब होने के मामले
  • कंपनियों के वारंटी क्लेम बढ़ना
  • बड़े सर्विस कैंपेन चलाना
  • उपभोक्ताओं की व्यापक शिकायतें

मंत्रालय के मुताबिक, ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है.

30 करोड़ गाड़ियां बेकार होने का दावा कितना सही?

सरकार ने उस दावे को भी गलत बताया जिसमें कहा गया था कि करीब 30 करोड़ वाहन E20 की वजह से बेकार हो जाएंगे. मंत्रालय के अनुसार, देश में 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें पहले ही ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर चल चुकी हैं और बड़े स्तर पर किसी खराबी की पुष्टि नहीं हुई.

ऑटो कंपनियों का क्या कहना है?

मंत्रालय ने बताया कि 4 जुलाई को हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई प्रमुख वाहन कंपनियों ने E20 कार्यक्रम का समर्थन किया.

कंपनीक्या कहा?
Maruti Suzuki2.84 करोड़ गाड़ियों के सर्विस रिकॉर्ड में E20 से जंग या असामान्य घिसावट नहीं मिली. माइलेज पर असर आमतौर पर 3-3.5% तक सीमित रहा.
Hero MotoCorpसर्विस डेटा में E20 से चलने वाले दोपहिया वाहनों में नुकसान के ज्यादा मामले नहीं मिले.
Toyota KirloskarE20 को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कड़ी जांच के बाद ही लागू किया गया.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी वाहन का माइलेज केवल ईंधन पर नहीं, बल्कि ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक, टायर प्रेशर और वाहन की देखभाल जैसे कई कारणों पर निर्भर करता है. पुराने E10 डिजाइन वाले कुछ वाहनों में माइलेज में करीब 3-5% तक कमी आ सकती है, लेकिन E20 में बेहतर ऑक्टेन, साफ दहन और बेहतर एंटी-नॉक क्षमता जैसे फायदे भी मिलते हैं. साथ ही सरकार ने कहा कि वाहन निर्माता स्वतंत्र कंपनियां हैं और वे E20 के लिए वारंटी जारी रख रहे हैं क्योंकि उन्हें इसके परीक्षण पर भरोसा है.

ये भी पढ़ें: आज कितना महंगा है पेट्रोल-डीजल? 31 जुलाई के नए रेट एक क्लिक में देखें



विज्ञापन
सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola