IOC, ONGC, GAIL सहित आधा दर्जन कंपनियों पर लगा जुर्माना, जानें BSE सेंसेक्स और NIFTY ने क्यों किया फाइन

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Share Market fall today in early trade

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कंपनियों ने स्वतंत्र और महिला निदेशकों की जरूरी संख्या से संबंधित सूचीबद्धता नियमों को अनुपालन नहीं किया है. अलग-अलग दी सूचना में कंपनियों ने बीएसई और एनएसई द्वारा लगाए गए जुर्माने का विवरण दिया गया है.

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IOC, ONGC, GAIL सहित आधा दर्जन कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. बताया जा रहा है कि शेयर बाजारों ने सूचीबद्धता नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम और गैस कंपनियों, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और गेल सहित आधा दर्जन से अधिक कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. इन कंपनियों ने स्वतंत्र और महिला निदेशकों की जरूरी संख्या से संबंधित सूचीबद्धता नियमों को अनुपालन नहीं किया है. अलग-अलग दी सूचना में कंपनियों ने बीएसई और एनएसई द्वारा लगाए गए जुर्माने का विवरण दिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि निदेशकों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है, और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होती. ओएनजीसी पर 3.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, आईओसी को 5.36 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने को को कहा गया है.

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महिला निदेशक नहीं होने के कारण लगा जुर्माना

गैस कंपनी गेल पर 2.71 लाख रुपये, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) पर 3.59 लाख रुपये, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) पर 3.6 लाख रुपये, ऑयल इंडिया लिमिटेड पर 5.37 लाख रुपये और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) पर 5.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आईओसी पर बोर्ड में आवश्यक एक महिला निदेशक नहीं होने के कारण जुर्माना लगाया गया है. इसे छोड़कर सभी कंपनियों पर स्वतंत्र निदेशकों की आवश्यक संख्या रखने के मानदंड का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है. आईओसी ने कहा कि निदेशकों (स्वतंत्र और महिला निदेशकों सहित) की नियुक्ति का अधिकार भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास है. उसने कहा कि और इसलिए 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान बोर्ड में महिला स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति न होना कंपनी की किसी लापरवाही/गलती के कारण नहीं था.

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कंपनियों ने भी रखी अपनी बात

कंपनी ने कहा कि इसलिए, इंडियन ऑयल को जुर्माना भरने के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए और इसे माफ कर दिया जाना चाहिए. आईओसी ने कहा कि वह कामकाज के संचालन के मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों (महिला स्वतंत्र निदेशक सहित) की नियुक्ति के लिए नियमित रूप से मंत्रालय के साथ मुद्दा उठाती है. कंपनी ने कहा कि हम यह भी सूचित करना चाहेंगे कि कंपनी को पहले भी बीएसई और एनएसई से जुर्माना लगाने के लिए इसी तरह के नोटिस मिले थे और कंपनी के अनुरोधों पर एक्सचेंज ने अनुकूल विचार किया था. एचपीसीएल ने भी शेयर बाजारों को इसी तरह की सूचना दी और जुर्माने को माफ करने वाले शेयर बाजारों के पिछले रिकॉर्ड का हवाला दिया. ओएनजीसी ने कहा कि उसने कंपनी के बोर्ड में अपेक्षित संख्या में स्वतंत्र निदेशकों के नामांकन के लिए सरकार से अनुरोध किया है.

(इनपुट-भाषा)

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