Suzuki E-Access इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या-क्या फीचर्स मिलते हैं? खरीदने से पहले जान लें

सुजुकी ई-एक्सेस इलेक्ट्रिक स्कूटर (Image: Suzuki & Freepik)
सुजुकी का ई-एक्सेस इलेक्ट्रिक स्कूटर भारतीय बाजार में धूम मचा रहा है. 93 किलोमीटर की रेंज और शानदार फीचर्स के साथ यह एक बेहतरीन विकल्प है. जानिए इसकी खासियतें और कीमत.
इंडिया में ईवी वाहनों की डिमांड दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है. खासकर टू-व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटरों ने धमाल मचा रखा है. ओला, बजाज और टीवीएस से लेकर कई ऐसी कंपनियां हैं जिनके स्कूटर्स ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं. कम बजट में भी अच्छी रेंज वाले स्कूटर्स मार्केट में आते हैं. आज हम बात सुजुकी ई-एक्सेस स्कूटर की करेंगे, जो सड़कों पर जलवा बिखेर रहा है. इस स्कूटर ने कस्टमर्स के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई है. यदि आपके दिमाग में भी ई-स्कूटर खरीदने का प्लान चल रहा है, तो ई-एक्सेस बेहतर ऑप्शन हो सकता है. आइए इसके फीचर्स और रेंज के बारे में जानते हैं.
Suzuki E-Access: बैटरी और रेंज
सुजुकी इंडिया का पहला स्कूटर ई-एक्सेस 3kWh लिथियम (LFP) बैटरी लगी है. इसमें हब-माउंटेड परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस लगी है, जो 4.1 किलोवाट की मैक्सिमम शक्ति और 15 nm का टॉर्क जेनरेट करती है. सुजुकी दावा करती है कि यह बैटरी 93 किलोमीटर तक रेंज दे सकती है.
Suzuki E-Access: एक्सलरेशन
सुजुकी ई-एक्सेस में 3 राइडिंग मोड मिलते हैं, जिसमें राइड A, राइड B और इको शामिल हैं. ए और बी का परफॉर्मेंस लगभग एक जैसा ही है. हालांकि, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है. ऑटो कार इंडिया के अनुसार, एक्सलरेशन के समय में जब इस स्कूटर की बैटरी 97 पर्सेंट से ज्यादा चार्ज रहती है, तब ए राइडिंग मोड में 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में इसे 2.05 से 4.94 सेकंड का समय लगता है. साथ ही, 60 kmph की ओर एक्सलरेशन धीरे-धीरे बढ़ता है. ए और बी मोड में ओवरटेक करने में यह स्कूटर सक्षम है. ऐसे में सिटी राइड के लिए यह स्कूटर बेहतर ऑप्शन है.
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Suzuki E-Access: ब्रेकिंग सिस्टम
ई-एक्सेस में आगे वाले व्हील में डिस्क और पीछे में ड्रम ब्रेक लगाया गया है. इसके अलावा इसका रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी काफी मजबूत है और स्लो-स्पीड में राइडर को बार-बार ड्रेक दबाए बिना ही रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में आसानी से निकलने में हेल्प करता है. वहीं, स्पीड गति पर रियर ब्रेक लीवर को जोर से दबाने पर पीछे का चक्का लॉक हो सकता है, जिससे स्किड करने का डर होता है.
Suzuki E-Access: फीचर्स
इसमें 4.2 इंच का डिजिटल कलरफुल TFT डिस्प्ले मिलता है, जिसे ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट किया जा सकता है. इग्नीशन, बूट और चार्जिंग पोर्ट को मैनेज करने के लिए कीलेस रिमोट का ऑप्शन मिलता है. सेफ्टी के तौर पर टिप ओवर सेंसर लगाया गया है, जिससे मोटर पावर ऑटोमैटिक कट हो जाता है. कॉम्बी ब्रेक सिस्टम (CBS) और एलईडी लाइटिंग मिलती है.
Suzuki E-Access: स्पेसिफिकेशन एंड प्राइस
सुजुकी ई-एक्सेस को पूरी तरह से नए प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है. इसे कंपनी द्वारा खुद बनाया गया है. पेट्रोल वाले एक्सेस से इसका कोई कनेक्शन नहीं है. यह एक ही वेरिएंट के साथ आता है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम (दिल्ली) कीमत 1.88 लाख रुपये है.
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By शिवांश शेखर
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शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.
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शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं.
उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई
बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
काम का सफर
पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.
विजन
शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.
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