EV खरीदने वालों की पहली पसंद बनी Tata Motors, जुलाई 2026 में Mahindra और Maruti ने भी मारी बाजी

Tata Sierra EV (Pic: Tata Motors)
जुलाई, 2026 में लगातार दूसरी बार टाटा, महिंद्रा और मारुति सुजुकी की ईवी कारों की 20 हजार से ज्यादा यूनिट सेल हुई हैं. पिछले साल यानि 2025 की तुलना में उछाल देखने को मिला है.
देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. बीते महीने यानि जुलाई, 2026 में लगातार दूसरी बार टाटा, महिंद्रा और मारुति सुजुकी की ईवी कारों की 20 हजार से ज्यादा यूनिट सेल हुई हैं. इससे पहले जून, 2026 में ईवी बनाने वाली कंपनियों ने 20 हजार से ज्यादा यूनिट कारें बेची थीं और एक बार फिर इस आंकड़े को क्रॉस करके रिकॉर्ड बनाया है. आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल, 2025 की तुलना में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. इस मामले में टाटा मोटर्स का जलवा देखने को मिला है, जबकि महिंद्रा और सुजुकी ने दूसरे सबसे ज्यादा मंथली बिक्री कर डाली है.
ईवी सेलिंग में टाटा मोटर्स सबसे आगे
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में टाटा मोटर्स ने जलवा बिखेर दिया है. हाल ही में कंपनी ने सिएरा ईवी (Tata Sierra EV) लॉन्च करके अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो में विस्तार किया है. जुलाई में टाटा ने अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री दर्ज की है, जो 13,578 यूनिट रही है. जुलाई, 2025 की तुलना में 102 प्रतिशत और जून, 2026 के कंपैरिजन में 12,756 यूनिट (6 पर्सेंट) ज्यादा है. लंबे समय के बाद कंपनी ने 40 प्रतिशत ईवी वाहन मार्केट का आंकड़ा भी पार कर लिया है. नेक्सन ईवी (Tata Nexon EV) सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही. इसमें अपडेटेड टाटा टियागो और पंच ने भी बड़ा रोल निभाया है.
महिंद्रा ने भी ईवी सेलिंग में मचाया धमाल
दूसरे नंबर पर महिंद्रा का नाम रहा है, जिसकी इलेक्ट्रिक कारों ने बिक्री के मामले में रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी ने लगातार दूसरे महीने 7 हजार से ज्यादा यूनिट बेची हैं. जुलाई, 2026 में महिंद्रा ने 7,677 यूनिट सेल की है और पिछले साल यानि 2025 की तुलना में 125 प्रतिशत ज्यादा है. हालांकि, यह जून से 498 यूनिट कम थी. इस परफॉर्मेंस से महिंद्रा ने ईवी मार्केट में अपनी हिस्सेदारी 22 प्रतिशत कर ली है, जो एक साल पहले 19 पर्सेंट थी. कंपनी की BE 6 और XEV 9e की मांग लगातार बनी हुई है महीनर की पहली तीन-रो वाला XEV 9S ने बड़ी भूमिका निभाई है.
मारुति सुजुकी इस मामले में कहां है?
मारुति सुजुकी कंपनी ने जुलाई में ई-विटारा (Maruti E-Vitara) की कुल 1,590 यूनिट सेल की हैं. मार्च, अप्रैल और मई के बाद यह लगातार पांचवा महिना था, जब ईवी की बिक्री चार अंकों में रही है. हालांकि, जून 2026 की तुलना में जुलाई में 20 प्रतिशत कम सेल हुई है, जो अब तक इस मॉडल का सबसे बेस्ट महिना रहा है. अब तक ई-विटारा की घरेलू बिक्री लिमिट थी, क्योंकि उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए तय किया गया था. ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि गुजरात के हंसलपुर स्थित मारुति सुजुकी प्लांट में चौथी नई प्रोडक्शन लाइन के शुरू होने से यह स्थिति बदलेगी. एक्सटेनडेंट प्लांट में अब ई-विटारा, फ्रोंक्स, बोलेनो और स्विफ्ट को मैन्युफैक्चर किया जाता है.
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By शिवांश शेखर
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शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.
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शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं.
उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई
बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
काम का सफर
पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.
विजन
शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.
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