कार की बैटरी अचानक नहीं होती खराब, पहले देती है ये 5 बड़े संकेत, समय रहते पहचान लें

कार बैटरी (Photo: klavkarr.com)
Car Battery Warning Signs: कार की बैटरी पूरी तरह खत्म होने से पहले कई छोटे-छोटे संकेत देती है. लेकिन ज्यादातर लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. अगर समय रहते इन वार्निंग को पहचान लिया जाए, तो बीच रास्ते में गाड़ी बंद होने जैसी परेशानी और अनचाहे खर्च से बचा जा सकता है.
अक्सर हम सोचते हैं कि कार की बैटरी सिर्फ कड़ाके की ठंड में ही जवाब दे देती है. लेकिन सच यह है कि 40-45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी भी बैटरी की हालत खराब कर सकती है. अगर आपकी कार घंटों तक खुले में धूप में खड़ी रहती है, तो बैटरी पर काफी लोड पड़ता है. इतना ही नहीं उसकी परफॉर्मेंस भी काफी डाउन होने लगती है. एक चीज आपको पता होनी चाहिए कि बैटरी अचानक खराब नहीं होती. पूरी तरह जवाब देने से पहले वह कुछ संकेत जरूर देती है. आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान संकेत, जो बताते हैं कि आपकी कार की बैटरी अब कमजोर पड़ने लगी है.
इंजन स्टार्ट होने में लगने लगा ज्यादा समय
जब आप चाबी घुमाते हैं या स्टार्ट बटन दबाते हैं, तो कार पहले की तरह तुरंत स्टार्ट नहीं होती. इंजन कुछ सेकंड ज्यादा क्रैंक करता है और जैसे-तैसे स्टार्ट होता है. क्योंकि गाड़ी आखिरकार स्टार्ट हो जाती है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे इग्नोर कर देते हैं. लेकिन यही छोटी-सी देरी इस बात का इशारा होती है कि बैटरी की पावर कम होने लगी है.
हेडलाइट्स की रोशनी कम होने लगे
अगर रात में कार स्टार्ट करते समय आपको हेडलाइट्स पहले जितनी तेज नहीं लग रही हैं या केबिन के अंदर की लाइट्स हल्की-हल्की मंद दिखाई दे रही हैं, तो इसे इग्नोर न करें. यह अक्सर इस बात का संकेत होता है कि आपकी कार की बैटरी कमजोर होने लगी है. क्योंकि कार की बैटरी ही बाहर की हेडलाइट्स से लेकर अंदर की सभी लाइट्स को पावर देती है.
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विंडो और डिस्प्ले का रिस्पॉन्स सुस्त पड़ने लगे
यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि आज की कारें चलती-फिरती कंप्यूटर बन चुकी हैं. ऐसे में अगर आपकी कार के पावर विंडो पहले के मुकाबले बहुत धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगे या फिर डैशबोर्ड की टचस्क्रीन ऑन होने में जरूरत से ज्यादा समय लेने लगे, तो इसे इग्नोर न करें. अक्सर ये संकेत बताते हैं कि कार की बैटरी कमजोर पड़ रही है और अब उसे कार के तमाम इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स को पावर देने में दिक्कत हो रही है.
डैशबोर्ड पर दिखने लगे बैटरी लाइट
यह बात सुनने में भले ही आम लगे, लेकिन हममें से कई लोग कार के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर जल रही चेतावनी लाइट्स को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब गाड़ी नॉर्मल तरीके से चल रही हो. लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि आपको डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाली हर वार्निंग लाइट का मतलब पता हो.
जब बैटरी को तीन साल से ज्यादा हो गए हो
आपकी गाड़ी की बैटरी कब बदलने की जरूरत पड़ सकती है, इसका सबसे आसान संकेत उसकी लाइफ होती है. चाहे कार की बैटरी हो, बाइक की या फिर मोबाइल की, हर बैटरी की एक फिक्स लाइफ होती है. भारत की तेज गर्मी बैटरी की सेहत पर काफी असर डालती है और उसकी लाइफ को तेजी से कम कर सकती है. अगर आपकी बैटरी तीन या उससे ज्यादा गर्मियां देख चुकी है, तो अगली सर्विस के दौरान मैकेनिक से उसकी जांच जरूर करवा लें.
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By अंकित आनंद
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
काम के बारे में
अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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