यूक्रेन में पोर्न होगा लीगल? एडल्ट कंटेंट के पैसे से खरीदे जाएंगे 30 हजार ड्रोन, समझिए रूस से जंग के बीच क्यों लिया जा रहा फैसला

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रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट को लेकर कानून बदलने की तैयारी चल रही है. प्रस्तावित बिल में सहमति से बनाए गए एडल्ट कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और इससे होने वाली कमाई पर टैक्स लगाने की बात है.

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यूक्रेन अब पैसे जुटाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाने पर विचार कर रहा है. रूस के साथ चल रही जंग के बीच देश को लगातार पैसों की जरूरत है. ऐसे में सरकार एडल्ट कंटेंट के कारोबार को लीगल कर इस पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 236 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है. दावा है कि इस पैसे से करीब 30 हजार ड्रोन खरीदे जा सकते हैं.

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लेकिन सवाल ये है कि जिस कारोबार को अभी कानून पूरी तरह मंजूरी नहीं देता, उसे यूक्रेन सरकार लीगल क्यों करना चाहती है? इस लेख में इसे विस्तार से समझेंगे.

पहली रीडिंग में पास, 231 सांसदों का बिल को समर्थन

रीडिंग में पास का मतलब होता है कि बिल को संसद की पहली मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी इसे कानून बनने के लिए आगे की प्रक्रिया से गुजरना होगा.
  • 14 जुलाई 2026 को यूक्रेन की संसद ने इस बिल को पहली रीडिंग में मंजूरी दे दी है, इसके पक्ष में 231 सांसदों ने वोट किया, जबकि 8 इसके खिलाफ रहे.वहीं 3 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
  • अब बिल को दूसरी रीडिंग में पेश किया जाएगा, यानी अभी यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट पूरी तरह लीगल नहीं हुआ है.
  • बिल में यह भी कहा गया है कि अगर दो बालिग अपनी मर्जी से एडल्ट कंटेंट बनाते हैं, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा. लेकिन बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट पर सख्त कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी.

सिर्फ टैक्स नहीं है, फैसले के पीछे एक और है कारण

इस पूरे मामले को समझने के लिए पहले ये जानना जरूरी है कि अभी यूक्रेन में पोर्नोग्राफी को लेकर कानून क्या कहता है.

  • फिलहाल वहां पोर्न कंटेंट बनाना, बेचना या उसे दूसरों तक पहुंचाना कानून के तहत अपराध है. ऐसे मामलों में क्रिमिनल कोड की धारा 301 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है. गंभीर या बार-बार किए गए मामलों में 7 साल तक की जेल भी हो सकती है.
  • यही वजह है कि एडल्ट कंटेंट बनाने वालों के लिए परेशानी खड़ी होती है. अगर वे अपनी कमाई सरकार को बताकर उस पर टैक्स देना चाहते हैं, तो उनके काम की जानकारी भी सामने आ सकती है. इसके बाद उन्हें सिर्फ टैक्स से जुड़ी परेशानी ही नहीं, बल्कि पोर्नोग्राफी कानून के तहत भी कार्रवाई का डर रहेगा.
  • सीधी बात ये है कि लोग अपनी कमाई पर टैक्स देना भी चाहें तो जिस काम से उनकी कमाई हो रही है, वो मौजूदा कानून में लीगल नहीं है.
  • अब जिस बिल पर चर्चा हो रही है, उसमें इसी स्थिति को बदलने की कोशिश है. इसका मकसद है कि बालिग लोगों की सहमति से बनाए गए एडल्ट कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाए और इस तरह की कमाई को साफ नियमों के तहत टैक्स के दायरे में लाया जाए.

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एडल्ट कंटेंट के कारोबार से टैक्स क्यों लेना चाहती है यूक्रेन सरकार

  • यूक्रेन में ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट का कारोबार तेजी से बढ़ा है.ओनलीफैंस जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यूक्रेनी क्रिएटर्स काम कर रहे हैं.
  • द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में, करीब 7,900 यूक्रेनी लोगों ने ओनलीफैंस से 13.1 करोड़ डॉलर से ज्यादा कमाए थे. भारतीय रुपये में यह रकम करीब 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है.
  • जानकारी के लिए बता दें कि ये सिर्फ ओनलीफैंस से हुई कमाई का आंकड़ा है, पूरे एडल्ट कंटेंट कारोबार की कमाई इससे कहीं ज्यादा है. यही वजह है कि सरकार की नजर इस कारोबार से मिलने वाले टैक्स पर है.

एडल्ट कंटेंट के कारोबार के पीछे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की गुंजाइश

  • बिल के समर्थकों का कहना है कि मामला सिर्फ सरकार की कमाई बढ़ाने का नहीं है. उनका तर्क है कि जब कोई कारोबार गैरकानूनी होता है, तो उसे छिपाकर चलाने के लिए अधिकारियों का दबाव और रिश्वत जैसी चीजों की गुंजाइश बढ़ जाती है.
  • वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यूक्रेन के तीन इलाकों में अधिकारियों पर एडल्ट कंटेंट कारोबार से जुड़े लोगों से रिश्वत लेने के आरोपों का भी जिक्र किया गया है.
  • समर्थकों का मानना है कि अगर इस कारोबार के लिए साफ नियम बन जाते हैं, तो लोगों और अधिकारियों के बीच ऐसी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम हो सकती है.
  • इस मामले में एडल्ट कंटेंट क्रिएटर स्वितलाना द्वोर्निकोवा का नाम भी सामने आया है, उनका दावा है कि वह अब तक करीब 9 लाख डॉलर टैक्स दे चुकी हैं.
  • उनका कहना है कि अगर सरकार इस कारोबार को लीगल कर देती है और इससे बाकायदा टैक्स लेती है, तो युद्ध के समय देश को अतिरिक्त पैसा मिल सकता है. इस पैसे का इस्तेमाल ड्रोन और दूसरे सैन्य सामान खरीदने में किया जा सकता है. स्वितलाना पहले भी एडल्ट कंटेंट बनाने वालों पर होने वाली कानूनी कार्रवाई का मुद्दा उठा चुकी हैं

यूक्रेन के लिए कितने काम के हैं 2.5 करोड़ डॉलर ?

  • सरकार को अगर हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर मिलते हैं, तो यह रकम सुनने में बड़ी लगती है हालांकि यूक्रेन की मौजूदा जरूरतों के सामने यह बहुत छोटी है.
  • अगस्त 2026 में यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने बताया था कि 2026 के रक्षा बजट में करीब 27 अरब डॉलर की कमी है. यानी एडल्ट कंटेंट से मिलने वाला संभावित पैसा यूक्रेन की युद्ध से जुड़ी पूरी जरूरत को पूरा नहीं कर सकता. लेकिन सरकार के लिए यह पहले से चल रहे कारोबार से कुछ अतिरिक्त पैसा जुटाने का जरिया जरूर बन सकता है
  • अब नजर संसद की दूसरी रीडिंग पर है. अगर बिल वहां भी पास हो जाता है, तो यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट को लेकर कानून बदलने और इस कारोबार को टैक्स के दायरे में लाने का रास्ता साफ हो सकता है.

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