PoK में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में खूनी झड़प, 37 लोगों की मौत

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PoK के रावलाकोट में गोलीबारी को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी,अवामी कमेटी ने क्रूर शासकों को चुनौती देने का संकल्प लिया.( स्रोत- एएनआई )

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चुनावों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें जारी हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है. भारत ने इन चुनावों को अवैध कब्जे को वैध ठहराने का प्रयास बताया है.

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पाकिस्तान के कब्जे वाPoK में चुनाव के बीच बवाल! सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में खूनी झड़प,37 की मौत कई लोग हुए घायलले कश्मीर ( PoK) में क्षेत्रीय चुनाव के दौरान हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, PoK के रावलकोट, मीरपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC ) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें जारी हैं. कई दिनों से चल रहे टकराव के कारण पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.

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12 सीटों को लेकर भड़का आंदोलन

JAAC पिछले करीब दो महीने से पीओके विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है. संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाने के लिए करता है. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुजफ्फराबाद मार्च पर अड़े हुए हैं.

पाकिस्तान सरकार ने JAAC के कम से कम 37 लोगों की मौत के दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया है. पाक सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के आतंकी मौजूद हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

मौत के आंकड़ों पर विवाद

JAAC ने दावा किया है कि सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम 37 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल है. संगठन का कहना है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई.

भारत ने चुनावों को बताया अवैध

भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश बताया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें PoK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है. उन्होंने कहा कि वहां के विरोध प्रदर्शन आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और लोगों के मौलिक अधिकारों के हनन का परिणाम हैं.

मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता

एमनेस्टी इंटरनेशनल और पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने PoK में हिंसा की खबरों पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं पाकिस्तान सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं होगी और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी. ऐसे में चुनाव के बीच PoK का संकट और गहराता दिखाई दे रहा है.

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