Nepal Floods: 579 मौतें, 1,924 लोग अब भी लापता, नेपाल में तबाही के बीच फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा

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बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के किनारे मौजूद, गाढ़े कीचड़ और मलबे से घिरी क्षतिग्रस्त इमारतें, फोटो- एएनआई

Nepal Floods: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. मरने वालों की संख्या 579 पहुंच चुकी है, जबकि 1,924 लोग अब भी लापता हैं. इसी बीच भोटेकोशी क्षेत्र में दोबारा बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है.

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Nepal Floods: नेपाल में आई भीषण बाढ़ से कई इलाकों में भयंकर तबाही मची है. शुक्रवार तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हो गई, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. इस बीच भोटेकोशी नदी क्षेत्र में पानी और कीचड़ का स्तर दोबारा बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. कुछ समय के लिए धीमा किया गया तलाश और बचाव अभियान अब पूरी रफ्तार से दोबारा शुरू कर दिया गया है.

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भोटेकोशी में फिर बढ़ा पानी, नई बाढ़ का खतरा

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि जिस इलाके में बुधवार को अचानक बाढ़ आई थी, वहां एक बार फिर कीचड़ मिला पानी बढ़ रहा है. इससे भोटेकोशी और आसपास के इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है. प्रशासन ने बचाव अभियान में जुटी टीमों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है. खतरा महसूस होने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.

नेपाल में अब तक 579 लोगों की मौत

नेपाल पुलिस के मुताबिक, आठ जिलों से अब तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं. सबसे ज्यादा 233 शव चितवन जिले से मिले हैं. नवलपरासी पूर्व से 154, गोरखा से 46 और धादिंग से 40 शव बरामद किए गए हैं.

इसके अलावा नुवाकोट से 37, तनाहू से 30, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव मिले हैं. तिब्बत क्षेत्र की ग्यिरोंग काउंटी में भी पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.

जिला/क्षेत्रबरामद शव/मौतें
चितवन233
नवलपरासी पूर्व154
गोरखा46
धादिंग40
नुवाकोट37
तनाहू30
नवलपरासी पश्चिम27
रसुवा12
नेपाल के 8 जिलों में कुल579
तिब्बत की ग्यिरोंग काउंटी5

1,924 लोग अब भी लापता

अचानक आई इस बाढ़ के बाद से कम से कम 1,924 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री भी शामिल हैं. बचाव टीमें नदी के किनारे और पानी के बहाव वाले इलाकों में लगातार तलाश कर रही हैं. दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है.

अब तक 4,451 लोगों का रेस्क्यू

बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक कुल 4,451 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. इनमें 85 भारतीयों समेत 129 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. विभिन्न हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे 191 लोगों को भी बाहर निकाला गया है. बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है और काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज जारी है.

320 भारतीय अब भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनसे अब तक संपर्क नहीं हो सका है. मंत्रालय ने कहा है कि इन लोगों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसके अलावा करीब 400 भारतीय चीन की तरफ फंसे हुए हैं. हालांकि ये सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं.

चीन से नेपाल पहुंचे 96 भारतीय

विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की ओर फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं. वहीं 21 भारतीय शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे. ये भारतीय एक दिन पहले नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू लाए गए थे. भारत सरकार नेपाल और चीन दोनों देशों के अधिकारियों के संपर्क में है.

7 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे

नेपाल में तलाश और बचाव अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं. इनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं. जमीनी टीमें नदियों के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं, जबकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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चीन की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

चीन ने भी नेपाल से जुड़े क्षेत्र में चौथे स्तर का अलर्ट जारी किया है. चीनी अधिकारियों के मुताबिक, दो नदियों के संगम के पास एक बड़ी अवरोधक झील बन गई है. इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा होने की जानकारी दी गई है. अगले तीन दिनों में इसमें और पानी आने की संभावना है. इससे झील के टूटने और नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है.

भारत ने नेपाल भेजी 57.5 टन राहत सामग्री

भारत ने बुधवार रात से तीन सैन्य परिवहन विमानों के जरिए नेपाल को कुल 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है. शुक्रवार को भी 10 टन राहत सामग्री भेजी गई. भारत ने 11 मेडिकल और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम भी नेपाल भेजी है. इसके अलावा सुरंग में फंसे लोगों के बचाव के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भेजी गई है.

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