Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा-अबतक 1114 लाशें हुईं बरामद, सिर्फ 95 ही परिवार वालों को सौंपी गई

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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह

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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने वहां आई भयंकर बाढ़ पर पहली बार प्रतिनिधि सभा में त्रासदी और राहत कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी.

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Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा है कि 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ के बाद अबतक कुल 1114 लाशें बरामद की गई हैं. इनमें से सिर्फ 95 लाशें उनके परिवारों को सौंपी गई हैं.प्रतिनिध सभा में भयानक बाढ़ पर बोलते हुए बालेंद्र शाह ने कहा कि हम इस मुश्किल समय में देश के साथ हैं. यह घटना 26 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे हुई. जैसे ही हमें घटना के बारे में पता चला, हमने अपनी टीमों को अलर्ट कर दिया. सुबह 9:15 बजे एक मीटिंग बुलाई गई. हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए थे. सुबह 10:30 बजे, हमारी इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें अपना काम करने के लिए तैयार थीं. लोगों को बचाना हमारी प्रायोरिटी थी.

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सभी मंत्री अपने एक महीने की सैलरी राहत कार्यों के लिए दान करेंगे

बालेंद्र शाह ने कहा कि आर्मी के हेलीकॉप्टरों को प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया गया था. दोपहर करीब 1 बजे, हम स्थानीय एमपी और एमएलए से संपर्क कर पाए. शाम करीब 7 बजे, लोगों से प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में योगदान देने के लिए कहा गया. रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिए गए. विदेशी नागरिकों को खोजने और बचाने के लिए एक खास टीम बनाई गई. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बचाव में प्राथमिकता दी गई. इस भयानक बाढ़के बाद सभी मंत्रियों ने अपनी एक महीने की सैलरी देने का फैसला किया.

देश को हिम्मत, समर्थन और भरोसा चाहिए

काठमांडू पोस्ट की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हमने यह सच्चाई स्वीकार कर ली है कि देश के नेतृत्व को हिम्मत, समर्थन और भरोसा देना चाहिए, न कि आंसू. उन्होंने कहा कि इस आपदा ने न केवल तीन जिलों - रसुवा, नुवाकोट और धादिंग - को तबाह किया है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक आघात है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास दृढ़ संकल्प और साहस के साथ लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और हम लड़ रहे हैं.

युद्धस्तर पर जारी है बचाव कार्य

बचाव और राहत कार्यों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य चलाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है जबकि स्थानीय अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने को कहा है.प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पीड़ितों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद को मंजूरी दी है और प्रभावित इलाकों को तीन महीने के लिए संकटग्रस्त घोषित किया गया है.उन्होंने कहा कि सरकार घायलों का मुफ्त इलाज कर रही है और बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कर रही है. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सदन को बताया कि स्थानीय और प्रांतीय अधिकारी बिजली, पानी की आपूर्ति और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए गए. इसी तरह, अब तक गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनहुं से 38 शव बरामद किए गए हैं.

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