भारत ब्रिटेन के रिश्तों में वर्ष 2013 में आया सकारात्मक मोड़

Published at :24 Dec 2013 12:17 PM (IST)
विज्ञापन
भारत ब्रिटेन के रिश्तों में वर्ष 2013 में आया सकारात्मक मोड़

लंदन : वर्ष 2013 में भारत ब्रिटेन के रिश्तों में सकारात्मक मोड़ आया. ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की अगुवाई में दो प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत करने के लिए कुछ माह के अंतराल में भारत गए. हालांकि वीजा बॉन्ड योजना जैसे कुछ कदमों से इन पहलों को मामूली झटका लगा. फरवरी में प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करते […]

विज्ञापन

लंदन : वर्ष 2013 में भारत ब्रिटेन के रिश्तों में सकारात्मक मोड़ आया. ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की अगुवाई में दो प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत करने के लिए कुछ माह के अंतराल में भारत गए. हालांकि वीजा बॉन्ड योजना जैसे कुछ कदमों से इन पहलों को मामूली झटका लगा.

फरवरी में प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करते भारत गए कैमरन ने साफ संदेश दिया ‘‘भारत इस सदी में प्रमुख देशों में से एक बनने जा रहा है और हम आपके साझेदार बनना चाहते हैं. इसीलिए आज मैं यहां हूं.’’यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि द्विपक्षीय रिश्तों में अहम विकास हुआ है और खास कर व्यापार तथा निवेश के क्षेत्र में इनके विस्तार की पर्याप्त संभावना है.

नवंबर में श्रीलंका में संपन्न राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक में भाग लेने के लिए कोलंबो जाते हुए भी कैमरन भारत में रुके थे.आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच वर्ष 2012..13 में व्यापार 15.19 अरब डालर का था जो बीते साल व्यापार में 6.78 फीसदी की गिरावट बताता है.

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में ब्रिटेन भारत का तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है. पेट्रोलियम, बंदरगाह, सेवाएं, सड़कें, राजमार्ग और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आदि के क्षेत्र में ब्रिटेन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया जाता है.

भारत ब्रिटेन में पांचवा सबसे बड़ा निवेशक है. ब्रिटेन में करीब 700 भारतीय कंपनियां हैं. इनमें से टाटा ब्रिटेन में सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की नियोक्ता है.

बहरहाल, इन सकारात्मक पहलों पर सरकार की कुछ कार्रवाइयों का असर पड़ा. इनमें भारत सहित छह देशों से आने वाले लोगों के लिए विवादास्पद वीजा बॉन्ड योजना की घोषणा शामिल है.

पर्यटकों से 3,000 पाउंड की राशि लेने की इस योजना की व्यापक आलोचना हुई और सरकार ने इसे रद्द कर दिया.

ब्रिटेन के शाही परिवार को इस साल 22 जुलाई को एक नया उत्तराधिकारी मिला. इस खबर पर पूरी दुनिया का मीडिया नजर गड़ाए हुए था. युवराज विलियम और राजकुमारी केट मिडलेटन का बेटा ब्रिटिश राजसिंहासन के दावेदारों की पंक्ति में युवराज चाल्र्स और अपने पिता युवराज विलियम के बाद तीसरे स्थान पर है.

इसी साल महारानी एलिजबेथ द्वितीय ने राजसिंहासन पर अपनी ताजपोशी की 60 वीं सालगिरह भी मनाई. इस असर पर देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए इस साल विशेष दूत के तौर पर शहरयार खान की नियुक्ति की. खान ने अगस्त में अपनी लंदन यात्रा के दौरान पहली बार, भारत के सर्वाधिक वांछित अपराधी दाउद इब्राहिम की अपने देश में मौजूदगी स्वीकार की लेकिन यह भी कहा कि उसे खदेड़ दिया गया है.

खान ने कहा ‘‘अगर वह पाकिस्तान में होता तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया होता. हमें ऐसे सरगनाओं को अपने यहां से गतिविधियां नहीं चलाने देते.’’ बढ़ती आलोचनाओं के बीच खान ने बयान को लेकर लीपापोती करने की कोशिश में कहा कि उन्होंने वही कहा जो पाकिस्तानी मीडिया कहता रहा है.

साल के आखिर में, वर्ष 1984 में स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे उग्रवादियों को निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार के नायक लेफ्टिनेंट जनरल (अवकाशप्राप्त )के एस बरार पर बदले की कार्रवाई के तौर पर हमला करने के लिए तीन सिखों और एक महिला को दोषी ठहराया गया. इन चारों को 10 साल से 14 साल तक की सजा दी गई.

कॉमरेड बाला के नाम से जाने जाने वाले भारतीय मूल के अरविंदन बालकृष्णन का मामला भी इस साल सामने आया जिसने तीन दशक से भी अधिक समय से तीन महिलाओं को गुलामों की तरह रखा था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola