गढ़वा- छत्तीसगढ़ को जोड़नेवाली NH 343 में होती दुर्घटनाएं, ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने को लेकर नहीं हुई कार्रवाई

गढ़वा-छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली NH-343 पर हमेशा दुर्घटनाएं होते रहती है. इस क्षेत्र में 3 स्थान अन्नराज नावाडीह घाटी, गुलरिया ढोढ़ा एवं बुढ़ापरास स्थल को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है. इसके बावजूद इसको दुरुस्त करने की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
Jharkhand News (पीयूष तिवारी, गढ़वा) : गढ़वा जिले को छतीसगढ़ से जोड़नेवाली NH- 343 पर यमदूतों का नाका लगा हुआ है़ गढ़वा से रामानुजगंज के बीच तीन स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित हैं. इन ब्लैक स्पॉट एवं इससे जुड़ी सड़कों में हुई सड़क दुर्घटना में सैकड़ों की संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या हजारों में है. प्रशासनिक स्तर पर चिह्नित इन ब्लैक स्पॉट को सीधा व सपाट सड़क में बदलने की दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया जा सका है. मांग व आंदोलन के दशकों बाद भी ये सड़कें तीरछी व घुमावदार बनी हुई है. इस वजह से आये दिन सड़क दुर्घटनाएं देखने का मिल रही है.
NH- 343 झारखंड राज्य के गढ़वा जिले को छतीसगढ़ राज्य के रामानुजगंज से जोड़ती है. करीब 47 किमी लंबी सड़क के बीच अन्नराज नावाडीह घाटी, गुलरिया ढोढ़ा एवं बुढ़ापरास नामक स्थल को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है. इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति अन्नराज घाटी (अन्नराज डैम स्थल) की है. अन्नराज घाटी में सड़क को सीधा करने की मांग करने व आश्वासन देने का काम लंबे समय से होता आ रहा है, लेकिन धरातल की स्थिति में बहुत सुधार नहीं हुआ है.
पहले गढ़वा जिले से यूपी को जोड़नेवाले NH- 75 सड़क पर टेढ़की पुलिया नामक स्थान भी ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित था, लेकिन NH- 75 के निर्माण के साथ ही पुल बनाकर इस सड़क को सीधा कर दिया गया. अब यहां दुर्घटनाएं बंद हो गयी है. लेकिन, शेष ब्लैक स्पॉट की स्थिति में सुधार करना अभी भी शेष रह गया है. मालूम हो कि अन्नराज घाटी के समीप ही गुरुवार (28 अक्टूबर) की सुबह हुई सड़क दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई थी.
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पुलिस विभाग के आंकड़ों के हिसाब से साल 2015 से लेकर अगस्त 2021 तक जिले में कुल 1121 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं. इस दौरान चर्चित सड़क दुर्घटनाओं में साल 2015 में अन्नराज घाटी में बाबा यात्री बस दुर्घटना में हुई थी. इसमें 11 लोगों की मौत एवं वर्ष 2019 में इसी स्थान पर पोपुलर यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 5 यात्री की मौत शामिल है. इसके पूर्व इसी स्थल पर वर्ष 2010 में भी सिंह यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 21 यात्रियों की मौत हो गयी थी.
उपरोक्त सभी गाड़ियां जो दुर्घटना की शिकार हुई है, वो सभी छतीसगढ़ से झारखंड परिचालन करती है. इन घटनाओं के अलावे सैकड़ों ट्रक व छोटे चारपहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन की दुर्घटनाएं इस स्थल पर हुई है. इतनी दुर्घटनाओं के बावजूद इसका एलायमेंट सीधा करने की दिशा में ठोस कार्रवाई कभी तक नहीं की गयी है.
बता दें कि इस साल जुलाई महीने में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी, जिसमें इन ब्लैक स्पॉट का मामला उठाया गया था. इस बैठक में विभागों को निर्देश भी दिया गया था कि वे इस दिशा में सक्रिय कार्रवाई करें, लेकिन विभाग की सक्रियता उस अनुरूप देखने को नहीं मिल रही है.
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इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि ब्लैक स्पॉट खासकर अन्नराज घाटी को सीधा करने के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया कर ली गयी है. वन विभाग में मामला फंसा हुआ था. अब वहां से भी अनापति प्रमाण पत्र मिल चुका है. जल्द ही यह क्षेत्र ब्लैक स्पॉट से बाहर निकाल लिया जायेगा.
Posted By : Samir Ranjan.
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