झारखंड में रोक के बावजूद बालू का खेल जारी, पुलिस से बचने के लिए गली-मोहल्ले वाली सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियां

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झारखंड में इनदिनों नदियों से बालू का उठाव बंद है. इसके बावजूद बालू माफिया धड़ल्ले से विभिन्न नदियों से बालू का उठाव कर रहे हैं. ऐसा ही नजारा हजारीबाग के बड़कागांव में देखने को मिल रहा है. पुलिस के डर से बालू लदे वाहन मुख्य मार्ग की जगह गली और मोहल्ले वाली सड़कों से आवाजाही कर रहे हैं.

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Jharkhand News: झारखंड में एनजीटी द्वारा रोक लगाने के बावजूद हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में इन दिनों बालू का अवैध उत्खनन और कारोबार खुलेआम जारी है. इससे सरकार को हर दिन लाखों रुपये की राजस्व की हानि हो रही है. बड़कागांव के छावनिया नदी पुल, निर्माणाधीन कांड़तरी पुल, शीबाडीह पुल, बादमाही नदी पुल, गोंदलपुरा नदी पुल, चोरका नदी पुल के समीप से बालू का अवैध तरीके से उत्खनन किया जा रहा है. जिससे नदियों का अस्तित्व खतरे में है. वहीं, अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो बनाए गए पुल एवं निर्माणाधीन पुल आने वाले बरसात में ध्वस्त हो सकता है.

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बालू माफिया का बढ़ा हौसला

इधर, चोरका पंडरिया उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों एवं अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के नजदीक से बालू का उत्खनन होने से स्कूल का अस्तित्व खतरे में आ गया है. प्रखंड प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक बालू के अवैध उत्खनन को लेकर जानकारी दी गई है. प्रखंड में बालू के अवैध ढुलाई ट्रैक्टरों, टर्बो एवं हाइवा से होती है. हालांकि, बड़कागांव पुलिस द्वारा कभी कभार पहरेदारी एवं कार्रवाई की जाती है. पुलिस अगर बालू के अवैध कारोबार रोकने के लिए सड़कों पर रहती है, तो ट्रैक्टर व हाईवा के चालक गली- मोहल्ले वाली सड़कों से होते हुए बालू का कारोबार करते हैं. ट्रैक्टरों के परिचालन के दौरान ट्रैक्टरों की आवाज से संबंधित गांव एवं गली-मोहल्ले के लोगों की नींद हो रही है.

सड़कों पर गिरता बालू

बालू ढोने वाले वाहन ओवरलोड बालू लेकर चलते हैं. वहीं, बालू को ढक कर भी नहीं ले जाते हैं, जिस कारण सड़कों में बालू गिरते जाता है. इससे बाइक चालकों के आंखों में बालू पड़ जाने से सड़क दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. साथ ही सड़कों में बालू गिरे होने के कारण बाइक वालों को फिसलने का भी डर बना रहता है. सड़कों में बालू गिरे होने कारण दर्जनों सड़क दुर्घटना हो चुकी है.

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किसी भी नदियों का नहीं हुआ है टेंडर : खनन इंस्पेक्टर

खनन विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार का कहना है कि बड़कागांव प्रखंड में किसी भी नदी का टेंडर नहीं हुआ है. उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. भले ही थोड़ा राजनीतिक दबाव रहती है, लेकिन हमलोग कार्रवाई के लिए तत्पर रहते हैं.

इन नदियों में हो रहा बालू का उत्खनन

हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड की छवानिया नदी, सिरमा नदी, हहारो नदी के मंझला बाला नदी, महुदी नदी, सोनपुरा, बादमाहि नदी, सांढ़ नदी, हरली, विश्रामपुर, गोंदलपुरा नदी, कांडतारी नदी, मिर्जापुर नदी समेत अन्य नदियों में बालू का उत्खनन जोरों पर है. इस कारण नदियों का अस्तित्व खतरे में है. नदिया से बालू उठाव के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिस कारण कई नदियों का पुल कमजोर होता जा रहा है. वहीं, नदी किनारे पेड़ -पौधे भी उखड़ रहे हैं.

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