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Telegram पर बड़ा एक्शन! बच्चों के शोषण और आतंकवाद पर जवाब न देने की सजा

Updated at : 25 Feb 2025 11:35 PM (IST)
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Telegram Fined In Australia

Telegram Fined in Australia / X

Telegram Fined; बड़ी टेक कंपनियों को पारदर्शी होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी सेवाओं का दुरुपयोग न हो, क्योंकि ऑनलाइन चरमपंथी सामग्री से उत्पन्न खतरा बढ़ रहा है.

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ऑस्ट्रेलिया के ऑनलाइन सुरक्षा नियामक ने मैसेजिंग प्लैटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर लगभग A$1 मिलियन (Rs 55 करोड़ ) का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई टेलीग्राम द्वारा बाल शोषण और हिंसक चरमपंथी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने में देरी करने के कारण की गई है. मार्च 2024 में, eSafety आयोग ने YouTube, X, Facebook, टेलीग्राम और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से उनके उपायों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसमें टेलीग्राम और Reddit से विशेष रूप से बाल यौन शोषण सामग्री से निपटने के कदमों के बारे में पूछा गया था. इन प्लैटफॉर्म्स को मई तक जवाब देना था, लेकिन टेलीग्राम ने अक्टूबर में अपना उत्तर प्रस्तुत किया.

‘अनुचित और असंगत’

eSafety आयुक्त जूली इनमैन ग्रांट ने कहा, समय पर पारदर्शिता ऑस्ट्रेलिया में स्वैच्छिक आवश्यकता नहीं है, और यह कार्रवाई सभी कंपनियों के लिए ऑस्ट्रेलियाई कानून का पालन करने के महत्व को रेखांकित करती है. टेलीग्राम की देरी ने eSafety को अपनी ऑनलाइन सुरक्षा उपायों को लागू करने में बाधा पहुंचाई. टेलीग्राम ने कहा कि उसने पिछले वर्ष eSafety के सभी प्रश्नों का पूरी तरह से उत्तर दिया है, और कोई लंबित मुद्दे नहीं हैं. कंपनी ने इस दंड को अनुचित और असंगत बताया और अपील करने की योजना बनाई है.

‘पारदर्शी हों बड़ी टेक कंपनियां’

ऑस्ट्रेलिया की जासूसी एजेंसी ने दिसंबर में बताया कि जांच किये गए प्राथमिक आतंकवाद-रोधी मामलों में से एक में पांचवां हिस्सा युवाओं से संबंधित था. टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव को अगस्त में फ्रांस में अवैध गतिविधियों के लिए ऐप के उपयोग के संबंध में औपचारिक जांच का सामना करना पड़ा है. ग्रांट ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियों को पारदर्शी होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी सेवाओं का दुरुपयोग न हो, क्योंकि ऑनलाइन चरमपंथी सामग्री से उत्पन्न खतरा बढ़ रहा है. यदि टेलीग्राम इस दंड नोटिस को अनदेखा करता है, तो eSafety अदालत में नागरिक दंड की मांग करेगा.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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