तृणमूल-मालदा में जिला अध्यक्ष बदलने की चरचा जोरों पर
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :08 Feb 2017 9:23 AM
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मालदा : दक्षिण दिनाजपुर जिला अध्यक्ष बदले जाने के बाद अब मालदा में भी तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बदले जाने की चरचा शुरू हो गई है. वर्तमान में मुअज्जम हुसैन जिला अध्यक्ष हैं. उनके स्थान पर तृणमूल का जिला अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. इस बीच, 15 […]
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मालदा : दक्षिण दिनाजपुर जिला अध्यक्ष बदले जाने के बाद अब मालदा में भी तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बदले जाने की चरचा शुरू हो गई है. वर्तमान में मुअज्जम हुसैन जिला अध्यक्ष हैं.
उनके स्थान पर तृणमूल का जिला अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. इस बीच, 15 ब्लॉकों में भी नयी कमेटी का गठन होना है. वर्तमान जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने एक सूची भी बना ली है. वह इस सूची को लेकर कोलकाता गये हुए हैं.
तृणमूल के एक शीर्ष नेता का कहना है कि एक सशक्त जिला अध्यक्ष का होना बहुत जरूरी है. मोअज्जम हुसैन भले ही जिला अध्यक्ष हों, लेकिन पार्टी पर उनकी पकड़ नहीं है. इसके अलावा वह जो भी चुनाव लड़े हैं, हार चुके हैं. ऐसी परिस्थिति में जिला अध्यक्ष का बदला जाना जरूरी है. दूसरी ओर जिला अध्यक्ष बनाये जाने की दौर में पूर्व मंत्री कृष्णेन्दु चौधरी तथा सावित्री मित्रा का भी नाम शामिल कर लिया गया है.
हालांकि कृष्णेन्दु चौधरी का दावा उतना मजबूत नहीं है. पार्टी ने उन्हें हाल ही में इंगलिश बाजार नगरपालिका के चेयरमैन पद से हटाया है. वह वर्तमान में नगरपालिका के एक पार्षद भर हैं. फिर भी पार्टी के अंदर उनके समर्थकों की कमी नहीं है. उनके ऐसे ही समर्थकों ने उन्हें जिला अध्यक्ष बनाने की मांग शुरू कर दी है. अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को यह मांग कितना मंजूर होगा, इस पर अभी कुछ भी कहना उचित नहीं है. एक और पूर्व मंत्री सावित्री मित्रा को भी जिला अध्यक्ष बनाये जाने की मांग उठ रही है. पहले वह कांग्रेस विधायक थी. बाद में वह तृणमूल में शामिल हुई. तृणमूल कांग्रेस ने उनको जिला अध्यक्ष भी बना दिया था. लोकसभा चुनाव में मालदा में तृणमूल की करारी हार हुई थी.
उसके बाद सावित्री मित्रा को इस पद से हटा दिया गया और मोअज्जम हुसैन को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई. पार्टी के अंदर नेताओं का कहना है कि मोअज्जम हुसैन को भी संगठन मजबूत करने की ताकत नहीं है. उनके जिला अध्यक्ष रहते पिछले विधानसभा चुनाव में जिले के सभी 12 सीटों पर तृणमूल की हार हुई. उसके बाद से ही उन्हें जिला अध्यक्ष पद से हटाये जाने की चरचा चल रही थी. वर्ष 2018 में पंचायत चुनाव होना है. उससे पहले तृणमूल कांग्रेस मालदा में अपनी खोयी जमीन वापस पाना चाहती है.
इसी वजह से मोअज्जम हुसैन को हटाकर उनके स्थान पर किसी ताकतवर नेता को लाने की तैयारी की जा रही है. हालांकि यह अभी तय नहीं है कि जिला अध्यक्ष कौन होगा. दूसरी तरफ सावित्री मित्रा तथा कृष्णेन्दु चौधरी अपनी गोटी भिड़ाने में लगे हुए हैं. इंगलिश बाजार के विधायक तथा इंगलिश बाजार नगरपालिका के नये चेयरमैन निहार घोष भी जिला अध्यक्ष पाने के लिए मारामारी कर रहे हैं. उन्होंने भी इस पद पर अपना दावा ठोक दिया है. अब मालदा के लोगों तथा तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों की भी निगाहें इस दिशा में टिकी हुई है.
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