उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल: एक सिरफिरे कैदी ने ली दूसरे की जान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 May 2016 1:15 AM
विज्ञापन
सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एनबीएमसीएच) में भरती एक िसरफिरे कैदी ने दूसरे कैदी की जान ले ली. इस दर्दनाक वारदात को मंगलवार को दिन के करीब 11 बजे अस्पताल के प्रिजनर्स सेल में अंजाम दिया गया. इस वारदात के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. मृत कैदी की शिनाख्त कूचबिहार निवासी […]
विज्ञापन
सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एनबीएमसीएच) में भरती एक िसरफिरे कैदी ने दूसरे कैदी की जान ले ली. इस दर्दनाक वारदात को मंगलवार को दिन के करीब 11 बजे अस्पताल के प्रिजनर्स सेल में अंजाम दिया गया. इस वारदात के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. मृत कैदी की शिनाख्त कूचबिहार निवासी उपेन बर्मन (72) के रूप में हुई है. वह महीने भर पहले रेल रोको आंदोलन के एक मामले में कूचबिहार में गिरफ्तार हुआ था.
जेल में सजा काटने के दौरान उसके पैर में गहरा घाव हो गया था. पैर के ऑपरेशन के लिए उसे आठ अप्रैल को एनबीएमसीएच में भरती किया गया था. वहीं, हत्यारा कैदी निखिल राय (40) धूपगुड़ी का रहनेवाला है. वह हत्या के एक अन्य आरोप में करीब ढ़ाई महीने पहले पुलिस के हत्थे चढ़ा था और सिलीगुड़ी जेल में कैद था. पैर टूटने की वजह से वह पिछले दो महीने से एनबीएमसीएच में भरती था.
कब और कैसे आरोपी ने दिया वारदात को अंजाम ः एनबीएमसीएच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हत्यारा कैदी निखिल राय अपना मानसिक संतुलन खो चुका है. वह हमेशा उल-जुलूल हरकतें करता रहता था. आज एक बार फिर उसपर सनक सवार हो गया. उसने प्रीजनर्स सेल के दरवाजे को भीतर से बंद कर लोहे के बेड से जाम कर दिया और स्लाइन की रड से वयोवृद्ध कैदी उपेन बर्मन पर बेवजह हमले करने लगा. निखिल ने रड से मार-मार कर उपेन का सिर ही फोड़ डाला और उसकी आंखें बाहर निकाल ली. इस दौरान उपेन बचाने के लिए काफी जोर-जोर से चिल्ला रहा था, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा. उपेन ने बेड पर ही दम तोड़ दिया. वारदात के बाद निखिल ने प्रीजनर्स सेल के शौचालय में अपने आप को बंद कर लिया. आरोपी निखिल को पकड़ने के लिए माटीगाड़ा थाना की पुलिस को दमकल कर्मियों का सहयोग लेना पड़ा. पुलिस पहले प्रीजनर्स सेल का दरवाजा तोड़कर अंदर गयी. बाद में दमकल कर्मी छत से शौचालय के वेंटिलेशन के अंदर गए और निखिल को पकड़कर बाहर निकाल कर पुलिस के हवाले कर दिया.
हत्यारे कैदी की दिमागी हालत की जांच कराने की जरूरतः डॉ निर्मल बेरा: एनबीएमसीएच में कैदी की हत्या और घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए मुख्य स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ निर्मल बेरा का कहना है कि हत्यारे कैदी की दिमागी हालत की जांच कराने की जरूरत है. अगर पुलिस चाहे तो उसकी दिमागी हालत की जांच मनोचिकित्सक विभाग में हो सकती है. हमारी तरफ से पूरा सहयोग किया जायेगा.
सीपी ने दिये विभागीय जांच के निर्देश : एनबीएमसीएच के प्रीजनर्स सेल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना शुरू हो गया है. कैदी की हत्या की वारदात को लेकर प्रीजनर्स सेल के सुरक्षा कर्मियों पर गाज गिर सकती है. इस ओर इंगित किया है पुलिस कमिश्नर (सीपी) मनोज वर्मा ने. उन्होंने कहा कि प्रीजनर्स सेल की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस के जवान मुश्तैद रहते हैं. एक एएसआइ व तीन आर्म्स कांस्टेबल हमेशा मौजूद रहते हैं. वारदात के दौरान ये सभी कहां थे और क्या कर रहे थे यह एक बड़ा सवाल है. अगर सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते तो संभवतः इतना बड़ा हादसा नहीं होता. श्री वर्मा ने कहा कि पूरी घटना को लेकर विभागीय जांच की जायेगी. इसके लिए एक टीम गठित कर जल्द ही विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश उन्होंने दिया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










