पुराने तृणमूल कार्यकर्ता-नेताओं ने कोतवाली के सामने किया प्रदर्शन

Updated:
विज्ञापन

जिलाध्यक्ष ने बताया इसे दल का आंतरिक मामला मालदा :जिले में तृणमूल की नई ब्लॉक कमेटियों के गठन को लेकर नाराज दल के पुराने कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कोतवाली भवन के सामने प्रदर्शन किया. शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद इन कार्यकर्ताओं के नेताओं ने जिलाध्यक्ष मौसम नूर से भेंट कर अपना विरोध जताया. इन […]

विज्ञापन

जिलाध्यक्ष ने बताया इसे दल का आंतरिक मामला

विज्ञापन
मालदा :जिले में तृणमूल की नई ब्लॉक कमेटियों के गठन को लेकर नाराज दल के पुराने कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कोतवाली भवन के सामने प्रदर्शन किया. शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद इन कार्यकर्ताओं के नेताओं ने जिलाध्यक्ष मौसम नूर से भेंट कर अपना विरोध जताया. इन नेताओं का आरोप है कि ब्लॉक कमेटियों में चुन चुनकर पूर्व कांग्रेसियों को रखा गया है.
इसके जरिये पुराने तृणमूल कार्यकर्ता हासिये पर कर दिये गये हैं. ऐसा अगर होता रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल के प्रदर्शन पर असर पड़ेगा. आज कोतवाली प्रासाद के सामने रतुआ एक नंबर ब्लॉक अंतर्गत आठ ग्राम पंचायत कमेटियों और कालियाचक दो नंबर ब्लॉक के पांच अंचल कमेटियों के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
रतुआ एक नंबर ब्लॉक तृणमूल के पूर्व अध्यक्ष फजलुर रहमान का आरोप है कि अब तक उन्होंने तृणमूल के लिये ही ईमानदारी से काम किया है. अचानक ब्लॉक कमेटी को भंगकर नयी कमेटी गठित की गयी. नयी कमेटी में सभी पूर्व कांग्रेसियों को शामिल किया गया है जबकि तृणमूल के पुराने साथियों की उपेक्षा की गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान में तृणमूल के विधायक समर मुखर्जी ने साजिश के तहत पुराने लोगों को कायदे से हटा दिया है. इससे दल की छवि प्रभावित हो रही है. आने वाले विधानसभा चुनाव पर इसका बुरा असर पड़ेगा.
तृणमूल संचालित कालियाचक दो नंबर पंचायत समिति के सभापति टिंकू रहमान विश्वास ने कहा कि लंबे समय तक उन्होंने अत्याचार अन्याय बर्दाश्त करते हुए दल के लिये काम किया है. हम लोगों ने ममता बनर्जी के आदर्श के अनुसार काम किया है. अब नई ब्लॉक कमेटी में अचानक पुराने सदस्यों को हटा दिया गया है. नयी ब्लॉक कमेटी को अविलंब भंग किया जाना चाहिये. इसी तरह की प्रतिक्रिया पुकुरिया अंचल कमेटी के अध्यक्ष बाच्चू घोष ने भी व्यक्त किया है.
आज कोतवाली भवन के सामने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला नेतृत्व पशोपेश में था. उन्होंने विक्षुब्ध कार्यकर्ताओं और नेताओं को समझाकर शांत करने का प्रयास किया.
तृणमूल की जिलाध्यक्ष मौसम नूर ने कहा कि यह दल का आंतरिक मामला है. इसलिये वह इस पर मीडिया से विस्तृत कुछ नहीं कहेंगी. लेकिन दल के अंदर अगर कोई विवाद है तो उसे हल करने का प्रयास होगा. ब्लॉक कमेटियां अस्थायी तौर पर बनी हैं. संबंधित इलाकों के विधायकों ने इसका गठन किया है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola